दो दिन में 11 मौतें, 44 घायल; प्रदेश में 69.65 करोड़ का नुकसान, कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
न्यूज नेशन ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही नुकसान का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की गुरुवार शाम 6 बजे तक जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 49 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं, जबकि 42 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। इसके अलावा 27 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा असर कुल्लू जिले में देखने को मिला है, जहां 30 सड़कें अवरुद्ध हैं। चंबा में 7, सिरमौर में 8 और ऊना में 2 सड़कें बंद हैं। वहीं बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। सिरमौर में 27, चंबा में 8, मंडी में 2 और कुल्लू में 3 ट्रांसफार्मर बाधित हुए हैं।
मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 44 लोग घायल हुए हैं। इनमें प्राकृतिक आपदाओं से 9 मौतें और सड़क हादसों में 2 लोगों की जान गई है। कांगड़ा में सबसे ज्यादा 16 लोग घायल हुए हैं।
प्रदेश में अब तक कुल 69.65 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। इसमें निजी और सरकारी संपत्तियों के साथ कृषि और बागवानी क्षेत्र को भी भारी क्षति पहुंची है। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 24.10 करोड़ रुपये, शिमला में 8.30 करोड़, किन्नौर में 7 करोड़ और कुल्लू में 8 करोड़ के नुकसान का आंकलन किया गया है।
प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।













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