ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर, ऊना बल्क ड्रग पार्क और धर्मशाला यूनिटी मॉल परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है और इसे जल्द अधिसूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई नीति हिमाचल में निवेश आकर्षित करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और व्यापार में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को नई मजबूती प्रदान करेगी।
उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति को उद्योग-अनुकूल और व्यावहारिक बनाने के लिए सभी हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एकल खिड़की स्वीकृति प्रणाली को भी अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए पिछले साढ़े तीन वर्षों में कई नीतिगत और कानूनी सुधार किए गए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊना में विकसित हो रहे 2,071 करोड़ रुपये के बल्क ड्रग पार्क और धर्मशाला में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने और देश की प्रमुख कंपनियों को बल्क ड्रग पार्क में निवेश के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 800 बीघा भूमि समतल की जा चुकी है और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 15 जुलाई तक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और स्टीम जनरेशन सुविधा का कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए। वहीं, धर्मशाला यूनिटी मॉल परियोजना के लिए 66 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, थ्री प्रोडक्ट्स’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के प्रमुख उत्पादों की पहचान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और लोगों के लिए नए आजीविका के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।












