उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बोले- अगले वर्षों में खरीदी जाएंगी 1,000 ई-बसें, कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की भी होगी पूरी सुरक्षा
शिमला/क्यारीघाट। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल कर दी हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को सोलन जिले के क्यारीघाट में इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही एचआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 507 हो गई है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में निगम के बेड़े में 1,000 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य एचआरटीसी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने ‘हिमबस प्लस कार्ड’ को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि मात्र 365 रुपये के वार्षिक शुल्क पर मिलने वाला यह स्मार्ट कार्ड सभी श्रेणी के यात्रियों के लिए उपयोगी होगा। कार्ड के माध्यम से एचआरटीसी की विभिन्न रियायत योजनाओं का लाभ एक ही कार्ड से मिलेगा। इसके अलावा इसका उपयोग दिल्ली मेट्रो के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा की बस सेवाओं में भी किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों को निर्बाध यात्रा सुविधा मिलेगी।
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसों को हिमाचल के दुर्गम और पहाड़ी मार्गों के अनुरूप विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। भविष्य में केवल 47-सीटर डीजल बसों की खरीद होगी, जबकि चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन बसों का रखरखाव अगले 12 वर्षों तक संबंधित कंपनी करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रयास है कि प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन और 10 तारीख तक पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली से निगम के 9,099 कर्मचारियों को लाभ मिला है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में एचआरटीसी में 686 नई नियुक्तियां की गई हैं, जबकि 2,198 अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया गया है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति, ओवरटाइम, रात्रि ड्यूटी भत्ता, महंगाई भत्ता और अन्य लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए करीब 70 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। जून 2026 तक के सभी चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का निपटारा कर दिया गया है और लंबित ओवरटाइम व रात्रि ड्यूटी भत्ते का भुगतान भी जल्द कर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को डीसीआरजी और अर्जित अवकाश नकदीकरण के रूप में करीब 172 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा 1,155 नए पेंशन भुगतान आदेश जारी किए गए हैं तथा 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को लगभग 23 करोड़ रुपये का पेंशन एरियर भी दिया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के प्रयासों से 297 नई इलेक्ट्रिक बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल हुई हैं, जिनमें से 40 बसें सोलन जिले को आवंटित की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन अवसंरचना को लगातार मजबूत कर रही है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम है। इससे एचआरटीसी की परिचालन लागत में कमी आएगी और यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने इसे हिमाचल में सतत सार्वजनिक परिवहन की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।












