हप्पुटवा और एचजीसीटीए ने 57वें स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं
उच्च शिक्षा को नई ऊर्जा देने के लिए लंबित पदोन्नतियां बहाल करने का किया आग्रह
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हप्पुटवा) और हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) ने प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। दोनों संगठनों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से स्थापना दिवस के अवसर पर कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत लंबित पदोन्नतियां बहाल करने की घोषणा करने का आग्रह किया है।
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में हप्पुटवा के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास, महासचिव डॉ. अंकुश भारद्वाज तथा एचजीसीटीए के उपाध्यक्ष डॉ. निखिल सारटा और महासचिव डॉ. संजय कांगों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पिछले 57 वर्षों से प्रदेश की बौद्धिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा है। विश्वविद्यालय ने हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा देकर उन्हें प्रशासन, न्यायपालिका, शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के योग्य बनाया है।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि इस वर्ष का स्थापना दिवस इसलिए भी विशेष है क्योंकि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू, जो स्वयं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं, मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेने का भी उपयुक्त समय है। उनका कहना है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और सरकारी महाविद्यालयों में कार्यरत हजारों प्राध्यापक लंबे समय से कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत लंबित पदोन्नतियों की बहाली का इंतजार कर रहे हैं। अधिसूचना के कारण पदोन्नति प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे पात्र शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हुआ है।
शिक्षक संगठनों ने कहा कि CAS केवल वेतन वृद्धि का विषय नहीं, बल्कि शिक्षकों के शैक्षणिक योगदान, अनुसंधान, प्रकाशनों, नवाचार और संस्थागत विकास की मान्यता से जुड़ी व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमित रूप से पदोन्नतियां दी जा रही हैं, जबकि हिमाचल में यह प्रक्रिया रुकी हुई है।
दोनों संगठनों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय के 57वें स्थापना दिवस पर CAS के तहत लंबित पदोन्नतियां बहाल कर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों को बड़ी सौगात दें। उनका कहना है कि इस निर्णय से हजारों शिक्षकों को न्याय मिलेगा, उनका मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
शिक्षक नेताओं ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उच्च शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत करेंगे। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर शैक्षणिक प्रगति की कामना भी की।












