राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने किया पीएम-उषा के तहत स्थापित MOOCs रिकॉर्डिंग स्टूडियो का शुभारंभ, AI और डिजिटल शिक्षा पर एचपीयू का बढ़ेगा फोकस
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पीएम-उषा (MERU) योजना के तहत सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) में स्थापित अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियो/एमओओसी (MOOCs) रिकॉर्डिंग स्टूडियो का मंगलवार को राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. महावीर सिंह और सीडीओई के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रदेश के दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में एचपीयू विश्व के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप नई तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। डेटा साइंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में शिक्षण और अनुसंधान को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस स्टूडियो में सीडीओई के अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के प्राध्यापक उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो व्याख्यान तैयार करेंगे, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल शिक्षण सामग्री उपलब्ध होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह डिजिटल स्टूडियो उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन पाठ्यक्रम (MOOCs), ई-कंटेंट, वेबिनार और अन्य डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करने के लिए विकसित किया गया है। इसमें आधुनिक कैमरे, प्रोफेशनल लाइटिंग, ग्रीन स्क्रीन और उन्नत ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विश्वविद्यालय का मानना है कि इस स्टूडियो के शुरू होने से डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा को नई गति मिलेगी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार (भोरंज), विधायक चन्द्रशेखर (धरमपुर), अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बी.के. शिवराम, कुलसचिव ज्योति राणा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एस.एल. कौशल, वित्त अधिकारी डॉ. ए.डी. भारद्वाज सहित विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।












