मुख्यमंत्री बोले- कांग्रेस सरकार ने 2023 में पुराने समझौते को किया था खारिज, अब परियोजना से प्रदेश को होगी 600 करोड़ रुपये सालाना आय; केंद्र पर आपदा राहत और आरडीजी में कटौती को लेकर भी साधा निशाना
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार होती तो पुराने समझौते को स्वीकार कर हिमाचल प्रदेश के हितों से समझौता कर लिया जाता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2023 में ही इस समझौते को अस्वीकार कर राज्य के अधिकारों की मजबूती से पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप अब हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना से हर वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की आय होगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को आयोजित ‘जी मीडिया समृद्धि संवाद’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में काम कर रही है। सरकार ने अनाथ बच्चों, विधवा एवं एकल महिलाओं, मेधावी विद्यार्थियों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के रूप में मिलने वाली लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की वार्षिक राशि में कटौती के बावजूद राज्य सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा किए जाने के बावजूद आज तक आपदा राहत के 1,500 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश को नहीं मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के चारों भाजपा सांसद एक बार भी संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री से इस सहायता राशि की मांग करने नहीं गए।
सुक्खू ने कहा कि उन्होंने अपनी निजी आय से आपदा प्रभावितों के लिए 51 लाख रुपये दान किए हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी निजी कमाई से 35 लाख रुपये सरकार को दिए थे।
भाजपा पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश भाजपा इस समय पांच गुटों में बंटी हुई है और सत्ता की होड़ में उसके भीतर ही “सेमीफाइनल” चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल करती है, जबकि कांग्रेस सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, कैलाश फेडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।












