शिमला। हिमाचल प्रदेश के बागवानी इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल कोटगढ़ गोलीकांड की बुधवार को 36वीं बरसी मनाई गई। 22 जुलाई 1990 को कोटगढ़ में सेब खरीद नीति और बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सेब उत्पादकों पर पुलिस ने गोलीबारी की थी।
इस गोलीकांड में गोविंद सिंह, तारा चंद और हीरा सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य किसान घायल हुए थे। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति और बागवानी नीतियों पर गहरा प्रभाव डाला था। बाद के वर्षों में सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा और समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दों पर सरकारों को अधिक संवेदनशील होना पड़ा।
हर वर्ष 22 जुलाई को प्रदेशभर में सेब उत्पादक और विभिन्न किसान संगठन इस घटना में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा उनके संघर्ष और बलिदान को याद करते हैं।












