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हिमाचल में अगले 12 घंटे भारी, कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट; भूस्खलन और जलभराव का खतरा

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शिमला समेत 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज बारिश के दौर की संभावना

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की दी सलाह


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 12 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो दौर तेज बारिश होने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।


मौसम विभाग के तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार सुबह तक शिमला, सिरमौर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में कई स्थानों पर बारिश के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और दृश्यता कम रहने की संभावना जताई गई है।


विभाग के अनुसार गुरुवार शाम तक शिमला, सिरमौर, सोलन, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश दर्ज होने की संभावना रही, जबकि चंबा और कांगड़ा में भी कुछ स्थानों पर बारिश और तेज बौछारों का पूर्वानुमान जारी किया गया।


बारिश के चलते भूस्खलन, निचले क्षेत्रों में जलभराव, कम दृश्यता के कारण सड़क दुर्घटनाओं, यातायात बाधित होने और कच्चे मकानों व सड़कों को नुकसान की आशंका व्यक्त की गई है। बागवानी और खड़ी फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलाशयों और नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।


बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सिरमौर के नाहन में सबसे अधिक 89.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सोलन में 45 मिमी, कुफरी में 17.5 मिमी, शिमला में 17.2 मिमी, नारकंडा में 16 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 15.7 मिमी, कालपा व मशोबरा में 14.9-14.5 मिमी, धर्मशाला में 13 मिमी और रिकांगपिओ में 12.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।


मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटों के दौरान कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जबकि औसत अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। गुरुवार को कांगड़ा 32.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा।


मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की सक्रियता को देखते हुए अगले कुछ घंटे संवेदनशील रह सकते हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन, पर्यटकों और आम लोगों को पूरी सतर्कता बरतने तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।