प्रदेशाध्यक्ष अमीन शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजा विस्तृत ज्ञापन, कहा बजट घोषणा के बाद भी PIP में नहीं दिख रहा स्पष्ट वित्तीय प्रावधान
शिमला। हिमाचल प्रदेश के नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के बावजूद वेतन पुनरीक्षण और सेवा सुरक्षा को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। राज्य स्वास्थ्य समिति (एनएचएम) अनुबंध कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीन शर्मा ने मुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि NHM के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारी पिछले करीब दो दशकों से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का अहम आधार बने हुए हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, आपदा प्रबंधन और कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन कर्मचारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवाएं दीं, लेकिन आज भी उनकी सेवा सुरक्षा और भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
अमीन शर्मा ने कहा कि वर्ष 2016 में मंत्रिमंडल ने दो वर्ष की संविदा सेवा के बाद नियमितीकरण का निर्णय लिया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इसके बाद 2021-22 में SSA आधारित सेवा नीति का मसौदा तैयार हुआ, मगर वह भी अंतिम रूप नहीं ले सका। वर्ष 2022 में अनुबंध नीति के अनुरूप मूल वेतन का 60 फीसदी देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन उसका भी प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि 21 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट भाषण के दौरान NHM कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की थी, जिससे कर्मचारियों में उम्मीद जगी थी। लेकिन 25 जून 2026 को जारी Program Implementation Plan (PIP) और Record of Proceedings (RoP) का अध्ययन करने पर कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।
संघ के मुताबिक PIP में बजट घोषणा के अनुरूप अलग से कोई स्पष्ट वित्तीय प्रावधान नहीं दिख रहा। दस्तावेजों में अधिकतम 15 फीसदी वृद्धि का प्रावधान है, जिसमें Performance Appraisal और Salary Rationalization दोनों शामिल हैं। वहीं Appraisal न होने की स्थिति में केवल 5 फीसदी वृद्धि ही संभव बताई गई है। ज्ञापन में यह भी चिंता जताई गई है कि 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच खाली रहने वाले स्वीकृत HRH पद स्वतः समाप्त माने जाएंगे, जिससे भविष्य में कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
अमीन शर्मा ने सरकार से मांग की है कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा की वास्तविक प्रशासनिक और वित्तीय स्थिति सार्वजनिक की जाए। साथ ही यदि अलग वित्तीय व्यवस्था प्रस्तावित है तो उसकी स्पष्ट समय-सीमा बताई जाए। इसके अलावा स्थायी Regular Service Policy, Ex-Gratia व्यवस्था, EPF, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश, स्थानांतरण नीति और सेवानिवृत्ति उपरांत लाभों पर समग्र निर्णय लेने की मांग भी उठाई गई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि सरकार द्वारा की गई घोषणाओं का पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करवाना है, ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।













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