डंगार से शिमला के लिए रवाना हुआ शिक्षक संघ का काफिला
पंचायत प्रतिनिधियों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, मिड-डे मील वर्कर्स और स्थानीय लोगों ने किया भव्य स्वागत
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश की ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ सातवें दिन गुरुवार को जिला बिलासपुर के डंगार से शिमला के लिए रवाना हुई। डंगार पहुंचने पर स्थानीय प्राथमिक शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, मिड-डे मील वर्कर्स, मल्टी टास्क वर्कर्स तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा और यात्रा दल का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान डंगार बाजार चौक शिक्षक हितों के समर्थन में लगाए गए नारों से गूंज उठा।
यात्रा के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक चिलचिलाती धूप के बावजूद कई किलोमीटर तक पैदल यात्रा के साथ चलते रहे। शिक्षक संघ की यह न्याय यात्रा 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी, जबकि 26 जुलाई को ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
संघ के अनुसार यह न्याय यात्रा न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को समाप्त करने तथा प्राथमिक शिक्षकों से जुड़ी 25 अन्य मांगों को लेकर निकाली जा रही है। यात्रा का उद्देश्य सरकार का ध्यान प्राथमिक शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
यात्रा को विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। डंगार चौक पर ग्राम पंचायत लैहरी सरेल के प्रधान अक्षय शर्मा, उपप्रधान अरविंद धीमान, ग्राम पंचायत गतवाड़ के प्रधान सुनील कश्यप, उपप्रधान अजय शर्मा, डंगार पंचायत के प्रधान अमित पटियाल, बीडीसी सदस्य परमजीत (पहाड़ी पौत्र) तथा वार्ड सदस्य मनोहर लाल सहित कई जनप्रतिनिधि यात्रा में शामिल हुए और शिक्षक संघ की मांगों का समर्थन किया।
दधोल चौक पहुंचने पर स्थानीय वरिष्ठ व्यवसायी एवं पूर्व पंचायत प्रतिनिधि कृष्ण बरूर ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। वहीं कांग्रेस से जुड़े युवा नेता दिनेश भुट्टो, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष घुमारवीं जगीर मेहता तथा ग्राम पंचायत दधोल के प्रधान पुरुषोत्तम ने भी यात्रा में शामिल होकर शिक्षक संघ के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और यात्रा दल का पुष्प वर्षा एवं फूल-मालाओं से स्वागत किया।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि न्याय यात्रा को प्रदेशभर में लगातार मिल रहा जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि प्राथमिक शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दे अब जनआंदोलन का रूप ले रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।












