मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित, अकेले 28 सड़कें बंद, प्री-मानसून में अब तक 398 लोगों की मौत, नुकसान 2984 करोड़ पार
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जनजीवन पर असर डाल रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की मंगलवार शाम 6 बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 44 सड़कें बंद हैं, जबकि 254 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। राहत की बात यह है कि फिलहाल जलापूर्ति योजनाओं पर असर नहीं पड़ा है। सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में दिखा है, जहां अकेले 28 सड़कें बंद हैं।
लाहौल-स्पीति में दो, कुल्लू में नौ, ऊना में दो और सोलन में चार सड़कें प्रभावित हैं। वहीं बिजली आपूर्ति में सबसे ज्यादा दिक्कत मंडी में है, जहां 198 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। कुल्लू में 11, लाहौल-स्पीति में एक, सोलन में 44 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं।
उधर, प्री-मानसून सीजन (1 मार्च से 30 जून) के दौरान प्रदेश में आपदा और सड़क हादसों में अब तक 398 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 128 मौतें प्राकृतिक आपदाओं और 270 सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई हैं। सबसे ज्यादा मौतें शिमला (33), चंबा (23) और मंडी (20) में हुई हैं।
राज्य में अब तक 1592 पशुओं की भी मौत हुई है, जबकि 8 पूरी तरह और 204 आंशिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकारी और निजी संपत्तियों को मिलाकर कुल नुकसान 2984.2 करोड़ रुपये आंका गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
कहां कितना असर
मंडी : 28 सड़कें बंद, 198 DTR बंद
कुल्लू : 9 सड़कें बंद, 11 DTR बंद
लाहौल-स्पीति : 2 सड़कें बंद, 1 DTR बंद
सोलन : 4 सड़कें बंद, 44 DTR बंद
ऊना : 2 सड़कें बंद
प्री-मानसून का अब तक का नुकसान
कुल मौतें : 398
आपदा से मौतें : 128
सड़क हादसों में मौतें : 270
पशुओं की मौत : 1592
कुल नुकसान : ₹2984.2 करोड़
पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान : 8
आंशिक क्षतिग्रस्त मकान : 204













Leave a Reply