बीजेपी पर भगवान राम के नाम पर राजनीति और आस्था से खिलवाड़ का आरोप, ट्रस्ट भंग कर आंदोलन से जुड़े लोगों को शामिल करने की उठाई मांग
शिमला। अयोध्या राम मंदिर के कथित चंदा चोरी मामले को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला तेज कर दिया है। शिमला में शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का राजनीतिक और आर्थिक लाभ उठाया गया। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने और राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग की।
पवन बंसल ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का केंद्र है और भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश की, जबकि अब मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं और मंदिर के चढ़ावे को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखा गया है। बंसल ने कहा कि भगवान राम के नाम पर लोगों ने श्रद्धा से दान दिया, लेकिन उस धन के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए चंदे और चढ़ावे की फॉरेंसिक ऑडिट कराई जानी चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो सरकार को पारदर्शिता के साथ तथ्यों को सामने रखना चाहिए और यदि अनियमितताएं हुई हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बंसल ने प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण समारोह में हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन आयोजनों में हुए वित्तीय लेन-देन की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर राजनीति करने के साथ-साथ आर्थिक लाभ लेने का भी प्रयास किया।
उन्होंने मांग की कि मौजूदा राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर उसमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख लोगों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि मंदिर का संचालन पूरी पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास के अनुरूप हो सके।












