शिमला जोन की विभिन्न शाखाओं से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया भाग, केंद्रीय प्रचारक सविता सैनी ने ब्रह्म ज्ञान और सतगुरु के मार्गदर्शन का महत्व बताया
रोहड़ू। संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में शनिवार को रोहड़ू में जोन स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं आदरणीय राज पिताजी की कृपा से आयोजित इस समागम में शिमला जोन के अंतर्गत किन्नौर, रामपुर, रोहड़ू, चौपाल, शिमला तथा फाइल संयोजक क्षेत्र की विभिन्न शाखाओं से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
विशाल सत्संग कार्यक्रम की अध्यक्षता संत निरंकारी मिशन की केंद्रीय प्रचारक सविता सैनी (चंडीगढ़) ने की। अपने संबोधन में उन्होंने बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के संदेश “एक मानो, एक को जानो, एक हो जाओ” का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी धार्मिक ग्रंथ मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य और ईश्वर प्राप्ति का मार्ग बताते हैं। उन्होंने भक्त मीराबाई और शबरी का उदाहरण देते हुए कहा कि आत्मज्ञान और ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति सद्गुरु के मार्गदर्शन से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज मानवता को ब्रह्म ज्ञान प्रदान कर रही हैं। मानव जीवन ईश्वर की प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम अवसर है और इसके लिए सतगुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन प्रेम, भाईचारे और मानव एकता का संदेश देता है। यदि श्रद्धालु को सतगुरु के ब्रह्म ज्ञान पर पूर्ण विश्वास हो, तो जीवन की किसी भी परिस्थिति में भय या भ्रम की स्थिति नहीं रहती और मन सदैव स्थिर एवं शांत रहता है।
समागम के दौरान विभिन्न शाखाओं से आए महात्माओं और श्रद्धालुओं ने विचार, समूह गान तथा एकल गायन के माध्यम से सतगुरु के संदेशों का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर शिमला जोन के जोनल इंचार्ज कैप्टन एन.पी.एस. भुल्लर ने समागम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले मुखियों, संयोजकों, सेवादल के सदस्यों तथा दूर-दराज से पहुंची माताओं एवं बहनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से मानवता, एकता और प्रेम के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात कर समाज में सद्भाव को मजबूत करने का आह्वान किया।












