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धर्मशाला से शोभा ओझा का भाजपा पर हमला, राम मंदिर चंदा और निर्माण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग

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कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता बोलीं- भगवान राम आस्था के प्रतीक, यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ है तो बड़े जिम्मेदार लोगों तक हो कार्रवाई

धर्मशाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की राष्ट्रीय प्रवक्ता शोभा ओझा ने रविवार को धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर निर्माण, चंदा संग्रह और उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई।

शोभा ओझा ने कहा कि भगवान राम करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं। यदि उनके नाम पर एकत्रित चंदे या मंदिर निर्माण से जुड़े किसी भी मामले में अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण और चंदा संग्रह के नाम पर जनता के विश्वास के साथ कथित तौर पर खिलवाड़ किया गया। उनका कहना था कि केवल छोटे स्तर के कर्मचारियों या अधिकारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे मामले में कथित रूप से शामिल बड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

भाजपा द्वारा कांग्रेस पर धर्म विरोधी राजनीति करने के आरोपों का जवाब देते हुए शोभा ओझा ने कहा कि भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाना धर्म विरोध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी ऐसे मामलों में जवाबदेही की मांग की जाती है तो मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए इसे धर्म से जोड़ने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती।

अपने संबोधन में उन्होंने अन्य धार्मिक संस्थानों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कहीं भी जनता की आस्था और सार्वजनिक धन से जुड़े मामलों में गड़बड़ी के आरोप हैं, वहां निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

शोभा ओझा ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ एजेंसियों की सक्रियता दिखाई देती है, लेकिन आस्था और सार्वजनिक धन से जुड़े मामलों में समान निष्पक्षता नहीं दिखती। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों की भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों की भी आलोचना की और कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी तथा जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।