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संतृप्ति अभियान के जरिए बैंकिंग योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

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आरबीआई क्षेत्रीय निदेशक अनुपम किशोर बोले- वित्तीय समावेशन मजबूत करने को री-केवाईसी प्रक्रिया में तेजी जरूरी


शिमला। वित्तीय समावेशन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने और बैंकिंग योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से यूको बैंक ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) हिमाचल प्रदेश के सहयोग से “संतृप्ति अभियान” के तहत जागरूकता एवं लाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम शिमला के एसबीटी के समीप स्थित अंगान होटल में आयोजित किया गया।


भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार 15 जून से 15 जुलाई तक चल रहे इस अभियान का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश सहित जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और लद्दाख में बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच को व्यापक बनाना है। पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल में यह अभियान पूरी तरह संचालित नहीं हो पाया था, जिसके चलते इसे दोबारा गति दी गई है। इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने का भी लक्ष्य रखा गया है।


कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक, शिमला के क्षेत्रीय निदेशक Anupam Kishore ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सभी बैंकों को री-केवाईसी प्रक्रिया में तेजी लानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाना जरूरी है, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
उन्होंने यूको बैंक और एसएलबीसी हिमाचल प्रदेश के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न बैंकों के बीच बेहतर समन्वय ही वित्तीय समावेशन की सफलता की कुंजी है।


कार्यक्रम की अध्यक्षता यूको बैंक अंचल कार्यालय शिमला के अंचल प्रमुख एवं एसएलबीसी हिमाचल प्रदेश के संयोजक Kamal Kumar Sharma ने की। उन्होंने कहा कि संतृप्ति अभियान प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सभी बैंक मिलकर इसे सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


कार्यक्रम के दौरान यूको बैंक रामनगर और संजौली शाखा के ग्राहकों को रुपे डेबिट कार्ड वितरित किए गए और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए जागरूक किया गया। वहीं बैंक की ओर से स्वर्गीय अंशुल शर्मा की नामिती एवं उनकी माता Seema Sharma को दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता का चेक भी सौंपा गया।


कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता, डिजिटल बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अंत में एसएलबीसी हिमाचल प्रदेश के प्रभारी Deepak Kumar ने सभी उपस्थित अतिथियों और बैंक अधिकारियों का धन्यवाद किया।

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