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2027 का चुनावी बिगुल, कांग्रेस ने तेज की बूथ रणनीति, विक्रमादित्य का भाजपा पर बड़ा हमला

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राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग, बोले-जिन्होंने भगवान राम को नहीं छोड़ा, वे जनता को क्या छोड़ेंगे


शिमला। हिमाचल प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। शनिवार को शिमला के राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस की आम बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट संकेत दिए कि पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक स्तर पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पूरा फोकस जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है।


बैठक में शामिल होने पहुंचे विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आम सभा का उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत बनाना तथा भविष्य की राजनीतिक रणनीति तय करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ उतरा जा सके।
किन्नौर कांग्रेस में मंत्री जगत सिंह नेगी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच कथित मतभेदों के सवाल पर उन्होंने किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जगत सिंह नेगी वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, जबकि निगम भंडारी अनुभवी कार्यकर्ता हैं। किन्नौर कांग्रेस का मजबूत गढ़ है और वहां संगठन पूरी तरह एकजुट है।


राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन खरीद और चंदा गड़बड़ी के मामले को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले में सीबीआई जांच की बात कर रहे हैं।


उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ हुआ है। जमीन खरीद में कथित अनियमितताओं और चंदे में गड़बड़ी के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा, “जिन्होंने भगवान राम को नहीं छोड़ा, वे जनता को क्या छोड़ेंगे।” भाजपा ने भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति की और अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।