‘संवेदना-2’ समारोह में रक्तदाताओं का किया सम्मान, दिलाई नशा मुक्त भारत की शपथ
शिमला। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अमूल्य मानव जीवन बचाने से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के बावजूद आज भी मानव रक्त का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है।
राज्यपाल रविवार को शिमला के लोक भवन में नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (एनआईएफए) द्वारा आयोजित ‘संवेदना-2’ सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और व्यक्तियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है और युवाओं को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
राज्यपाल ने एनआईएफए के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, युवा जागरण और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि एनआईएफए के ‘संवेदना’ अभियान के तहत देशभर में हजारों रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं और कोविड-19 महामारी के दौरान भी संगठन ने लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में युवा और विभिन्न स्वयंसेवी संगठन रक्तदान शिविरों के आयोजन में सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में हुए जेन-ज़ी आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है ताकि उनकी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लग सके।
एनआईएफए के संस्थापक अध्यक्ष सरदार प्रीतपाल सिंह पन्नू ने बताया कि संगठन की स्थापना लगभग 25 वर्ष पहले सात लोगों ने की थी। वर्ष 2009 में एनआईएफए को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में संगठन के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 7,000 युवा स्वयंसेवक समाज सेवा और राष्ट्रीय एकता के लिए कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में एनआईएफए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अश्विनी शेट्टी, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, एनआईएफए हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष तरुण धीमान, राष्ट्रीय महासचिव ब्रह्म स्वरूप शर्मा सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











