राजस्व मंत्री बोले- प्रदेश में नियुक्त 1,861 पार्ट टाइम वर्करों में 1,253 को डेली वेज पर लाया जा चुका, शेष 608 को भी नीति के तहत लाभ देने की प्रक्रिया
शिमला। पटवार सर्कलों में वर्षों से सेवाएं दे रहे पार्ट टाइम वर्करों को भी डेली वेज के दायरे में लाने की तैयारी है। विधानसभा में राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कुल 1,861 पार्ट टाइम वर्कर नियुक्त हुए थे। इनमें से अब तक 1,253 को डेली वेज के दायरे में लाया जा चुका है, जबकि 608 अभी शेष हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को भी सरकार की नीति और कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार डेली वेज का लाभ दिया जाएगा।
यह मामला नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि पटवार सर्कलों में कई पार्ट टाइम वर्कर सात से आठ वर्ष से सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों को भी अन्य विभागों में लंबे समय से कार्यरत पार्ट टाइम वर्करों की तर्ज पर राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की मांग की, ताकि लंबे समय तक सेवाएं देने वालों को बेहतर वेतन और सेवा लाभ मिल सकें।
1,253 को मिल चुका डेली वेज का लाभ
राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पार्ट टाइम वर्करों को डेली वेज पर लाने की प्रक्रिया कार्मिक विभाग की नीति और समय-समय पर जारी आदेशों के आधार पर होती है। राजस्व विभाग में भी इस नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को डेली वेज के दायरे में लाया गया है। कुल 1,861 पार्ट टाइम वर्करों में से 1,253 कर्मचारी अब डेली वेज पर आ चुके हैं और 608 अभी शेष हैं।
मंत्री ने कहा कि जो कर्मचारी नीति के तहत पात्र होंगे और जिनके संबंध में कार्मिक विभाग की ओर से आदेश जारी होंगे, उन्हें उसके अनुसार डेली वेज का लाभ दिया जाएगा।
सात साल बाद डेली वेज पर लाने का प्रावधान
राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्ट टाइम वर्करों को सात वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद डेली वेज पर लाने के संबंध में कार्मिक विभाग समय-समय पर आदेश जारी करता है। राजस्व विभाग में भी इन्हीं आदेशों के आधार पर पात्र कर्मचारियों को डेली वेज का लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्ट टाइम वर्करों के लिए नीति निर्धारित करने का अधिकार कार्मिक विभाग के पास है, जबकि राजस्व विभाग में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों के मामलों में विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
बाली ने लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मियों के लिए नीति की मांग की
आरएस बाली ने सरकार से आग्रह किया कि राजस्व विभाग में सात वर्ष से अधिक समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट नीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य विभागों, विशेषकर जल शक्ति विभाग में लंबे समय से काम कर रहे पार्ट टाइम वर्करों को डेली वेज का लाभ दिया गया है, उसी तर्ज पर राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था की जानी चाहिए।











