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‘सर्विलांस’ के आरोपों पर भाजपा का सरकार के खिलाफ मोर्चा, कल शिमला में डीसी कार्यालय से सीटीओ तक निकालेगा मार्च

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विधायकों की निगरानी, फोन टैपिंग और राजनीतिक प्रताड़ना का लगाया आरोप; कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अधूरी गारंटियों को भी बनाया मुद्दा


शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में ‘सर्विलांस’ का मुद्दा अब खुलकर सड़क पर उतरने जा रहा है। भाजपा विधायक दल ने कांग्रेस सरकार पर अपने विधायकों और नेताओं की कथित निगरानी कराने, फोन टैपिंग, झूठे मुकदमे दर्ज करने और राजनीतिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।

इसी कड़ी में बुधवार सुबह 10 बजे शिमला में उपायुक्त कार्यालय (डीसी ऑफिस) से सीटीओ तक भाजपा विधायक दल विरोध मार्च निकालेगा। मार्च में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल समेत सभी भाजपा विधायक शामिल होंगे।


मंगलवार को शिमला में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद भाजपा विधायक एवं मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है।


रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रख रही है। उन्होंने दावा किया कि केवल पार्टी की बैठकों पर ही नहीं बल्कि नेताओं के घरों तक निगरानी रखी जा रही है और भाजपा नेताओं के फोन भी टैप किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि लोकतंत्र में विपक्ष के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर इस तरह की निगरानी रखी जाएगी तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है। भाजपा ऐसे किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी।


बैठक में कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या, डकैती, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे आम जनता में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। रणधीर शर्मा ने कहा कि अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है और प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।


भाजपा ने प्राकृतिक आपदाओं के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी का कहना है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं और लोग अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेशभर में सड़कों की खराब हालत, बिजली और पेयजल आपूर्ति में लगातार आ रही बाधाओं को सरकार की नाकामी का उदाहरण बताया गया।


भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी भाजपा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर पटवारी स्तर तक भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के एक मंत्री के बेटे और कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारी भी सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।


भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए अधिकांश वादे पूरे नहीं किए। पार्टी का कहना है कि अधूरी गारंटियां, विकास कार्यों में ठहराव और प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण जनता में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। भाजपा का दावा है कि स्थानीय निकाय चुनावों में मिली हार के बाद मुख्यमंत्री राजनीतिक बौखलाहट में विपक्ष को निशाना बना रहे हैं।


भाजपा विधायक दल ने स्पष्ट किया कि बुधवार का विरोध मार्च केवल कथित सर्विलांस के मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, अधूरी गारंटियां, विकास कार्यों में सुस्ती और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। पार्टी ने इसे लोकतंत्र और जनहित की लड़ाई बताते हुए सरकार से इन आरोपों पर जवाब देने की मांग की है।