ओक ओवर कूच के बहाने कांग्रेस पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
जयराम बोले- भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति बुधवार को उस समय और गरमा गई, जब भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के खिलाफ राजधानी शिमला में बड़ा विरोध मार्च निकालकर सीधे राजनीतिक टकराव का संदेश दिया।
चार्जशीट और भाजपा नेताओं पर दर्ज हो रहे मामलों को मुद्दा बनाते हुए पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि विरोध मार्च में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हुई तो आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
भाजपा का विरोध मार्च उपायुक्त कार्यालय परिसर से शुरू होकर मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर की ओर बढ़ा। प्रशासन की ओर से नाज़ चौक तक ही अनुमति दी गई थी, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता और नेता आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास से करीब 100 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया।
इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनने के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किया। भाजपा का आरोप है कि सरकार के खिलाफ चार्जशीट पेश करने की घोषणा के बाद से विपक्षी नेताओं और विधायकों को निशाना बनाकर लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास बताया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार विपक्ष की आवाज से घबरा गई है और पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विरोध मार्च में शामिल भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कोई मुकदमा दर्ज किया गया तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी और पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है, जबकि सरकार विपक्ष को दबाने में व्यस्त है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में सरकार को सड़क से लेकर विधानसभा तक हर मुद्दे पर घेरा जाएगा।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे नहीं जाने दिया। ओक ओवर मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही।











