YWCA माल रोड में सखी सहेली समूह का प्रतिभा सम्मान समारोह, 15 मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
शिमला। NEET जैसी देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर मेडिकल शिक्षा की राह पर आगे बढ़ने वाले शिमला जिला के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का रविवार को सम्मान किया गया। सखी सहेली समूह की ओर से YWCA, माल रोड शिमला में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, प्रदेश सचिव कुसुम सदरेट और भाजपा जिला शिमला अध्यक्ष केशव चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन बृज सूद, अनीता सूद, मंजू सूद, श्वेता चौहान और कालपी शर्मा ने किया।
समारोह में पार्थ पंडित, संचित छतवाल, वंशिका शर्मा, हर्ष, गार्गी, सातव्य सूद, दीक्षा शर्मा, आरुषि कश्यप, नव्या कश्यप, रवीना चौधरी, सनविक चौहान, दैविक वर्मा, लविश श्रीवास्तव, प्रद्युम्न कौशल और शव्य को NEET में सफलता के लिए सम्मानित किया गया।
सफलता के पीछे विद्यार्थियों के साथ माता-पिता का भी त्याग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेश भारद्वाज ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस उपलब्धि में उनके माता-पिता और शिक्षकों का त्याग, मार्गदर्शन और सहयोग भी बराबर का भागीदार है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा ने मेडिकल शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया को योग्यता और प्रदर्शन आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना जरूरी है।
डॉक्टर बनना सिर्फ करियर नहीं, मानव सेवा का दायित्व
भारद्वाज ने विद्यार्थियों से कहा कि डॉक्टर बनना केवल प्रतिष्ठित करियर हासिल करना नहीं, बल्कि मानव जीवन की सेवा और समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ करुणा, संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि NEET में सफलता इन विद्यार्थियों के लिए मंजिल नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में यही युवा चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे और जरूरतमंद लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।
पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों के साथ अन्याय
पूर्व मंत्री ने परीक्षा प्रणाली की शुचिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और अनुचित साधनों का इस्तेमाल लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत कठोर प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति हमेशा परिवर्तन की वाहक रही है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज की युवा पीढ़ी के सामने भी अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और ज्ञान का सकारात्मक उपयोग कर देश को आगे ले जाने का बड़ा अवसर है।
शिक्षा से लेकर स्टार्टअप तक युवाओं के लिए नए अवसर
भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के विचारों, आकांक्षाओं और नवाचार को महत्व दिया जा रहा है। शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर सामने आए हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सेवा के लिए भी करें।
कार्यक्रम में आयोजकों और उपस्थित पदाधिकारियों ने सफल विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं।
वक्ताओं ने कहा कि शिमला के युवाओं की यह उपलब्धि पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है तथा उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य के लिए कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा देगी।











