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सेब खरीद गारंटी से नोटिस तक: जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला

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कांग्रेस सरकार की नीतियों से हर वर्ग दुःखी : जयराम ठाकुर

बागवानों को सेब बेचने पर नोटिस, मरीजों को दवाइयों के लिए जेब ढीली करने की मजबूरी और छात्रों पर फीस का बोझ
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार की नीतियों को बताया जनविरोधी


शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में आज ऐसा कोई वर्ग नहीं बचा है, जो सरकार के गलत, अव्यवहारिक और मनमाने फैसलों से प्रभावित न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बागवानी- प्रदेश की अर्थव्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े तीनों महत्वपूर्ण क्षेत्र सरकार की नीतिगत विफलताओं के कारण संकट में हैं।


जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और उपचार संबंधी सुविधाओं की कमी के कारण गरीब मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर और अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रोस्टेट कैंसर जैसे गंभीर रोगों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले टीकों की आपूर्ति प्रभावित होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ी हैं।


उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में विश्वविद्यालयों की फीस वृद्धि को लेकर भी सरकार को घेरा। जयराम ठाकुर ने कहा कि एचपीयू सहित अन्य विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ने से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। छात्र फीस वापसी की मांग को लेकर आंदोलन और भूख हड़ताल करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही।
बागवानों के मुद्दे पर जयराम ठाकुर ने सरकार को सबसे अधिक घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले बागवानों को सेब का दाम स्वयं तय करने की गारंटी दी थी, लेकिन आज उसी सरकार में सेब बेचने वाले बागवानों को नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सेब सीजन के दौरान राहत देने के बजाय सरकार नए नियमों और प्रतिबंधों के माध्यम से बागवानों की परेशानी बढ़ा रही है।


नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरियां सेब बेचने वाले बागवानों को एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालयों में बुलाकर भू-दस्तावेज और आधार कार्ड प्रस्तुत करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर वर्ष 2024-25 और 2025-26 का करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी लंबित है।


जयराम ठाकुर ने गनी बैग खरीदने पर 30 बैग की सीमा को भी अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि जिन बागवानों के बगीचों में सैकड़ों और हजारों पेटियां सेब तैयार हैं, उनके लिए इतनी कम सीमा किसी भी स्थिति में व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां बागवानों के हित में नहीं हैं और इससे कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने की आशंका पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बागवानी से जुड़े मुद्दों पर प्रदेशभर में आक्रोश बढ़ रहा है। यदि सरकार ने अपने कथित जनविरोधी फैसलों और बागवानों को जारी किए गए नोटिस वापस नहीं लिए तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा इन सभी मुद्दों को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाएगी और सरकार को जनविरोधी फैसलों से पीछे हटने के लिए मजबूर करेगी।