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नावर के विकास में धन की कमी नहीं आने देंगे : रोहित ठाकुर

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सड़क, बागवानी, पर्यटन और शिक्षा को प्राथमिकता, 11 सड़क परियोजनाओं पर 100 करोड़ और पीएमजीएसवाई की सात सड़कों पर 60 करोड़ रुपये खर्च


शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि नावर क्षेत्र के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सड़क, बागवानी, पर्यटन और शिक्षा सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को गति दी जा रही है। शिक्षा मंत्री ने यह बात अपने एक दिवसीय नावर प्रवास के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही।


उन्होंने बताया कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 50 से अधिक परियोजनाओं को करीब 550 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इनमें नावर क्षेत्र की 11 परियोजनाएं शामिल हैं, जिन पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।


रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नावर क्षेत्र की सात सड़कों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा तीन सड़कों के लिए नाबार्ड के तहत करीब 25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।


कुठाड़ी पंचायत की खदराला सड़क के लिए स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस प्लान के तहत 9.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत घणासीधार-खदराला सड़क को पक्का किया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान क्षेत्र की सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा था, लेकिन विभागीय प्रयासों से आवागमन को गंभीर रूप से प्रभावित नहीं होने दिया गया। विकास कार्यों में राजनीतिक भेदभाव की कोई जगह नहीं है।


टिक्कर-टूनाधार सड़क का निरीक्षण


नावर प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने निर्माणाधीन शहीद नाथूराम टिक्कर-टूनाधार सड़क का निरीक्षण किया। करीब 9.66 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क की प्रगति की जानकारी उन्होंने अधिकारियों से ली और कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके निर्माण से आवागमन बेहतर होने के साथ बागवानी और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा।


बागवानी और पर्यटन पर भी फोकस


रोहित ठाकुर ने कहा कि नावर बागवानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सड़कों को बेहतर बनाने का सीधा लाभ बागवानों को मिलेगा और वे अपनी उपज को आसानी से मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि नावर में पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विकास के लिए आगामी वर्षों में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में देश में तीसरा स्थान हासिल किया है और परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में भी प्रदेश देश के शीर्ष छह राज्यों में शामिल रहा है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल को पूर्ण साक्षर राज्य के रूप में भी पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि दूरदराज के विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए नावर क्षेत्र में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया है।


इससे पहले शिक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और उन्हें निर्धारित समय में पूरा करने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, पंचायत समिति अध्यक्ष रोहड़ू ज्ञानपति, स्थानीय पंचायत प्रधान चंद्र प्रकाश, उपप्रधान ईश्वर चौहान, बीडीसी सदस्य अमन चौहान सहित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।