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सुंदर सिंह ठाकुर का मंत्री बनना लगभग तय, CM सुक्खू बोले- हाईकमान की मंजूरी मिलते ही होगा मंत्रिमंडल विस्तार

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शिमला जिला परिषद चुनाव से लेकर MIS, आपदा राहत और प्रियंका गांधी के दौरे तक मुख्यमंत्री ने साधा भाजपा पर निशाना
46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को दिखाई हरी झंडी

शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को फिर बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के मंत्री बनने की अटकलों को और हवा देते हुए कहा कि प्रदेश में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार होगा और हाईकमान की मंजूरी मिलते ही विस्तार कर दिया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि सुंदर सिंह ठाकुर कभी भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सुंदर सिंह ठाकुर का मंत्रिमंडल में शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है।


शिमला में अग्निशमन विभाग के कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक होनी है, लेकिन उससे पहले भी मंत्रिमंडल विस्तार संभव है। मुख्यमंत्री के बयान को आगामी दिनों में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।


जिला परिषद चुनाव पर भाजपा को घेरा


शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा और कोर्ट के निर्देशों के आधार पर चुनाव की तारीख तय होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पहले चुनाव की तारीख तय की गई थी, तब भाजपा के सदस्य चुनाव में नहीं पहुंचे थे।


मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पंचायती राज के चुनाव में जरूरत से ज्यादा रुचि दिखा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन स्थानीय चुनावों में उलझने के बजाय विधानसभा चुनाव पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा ने 256 प्रत्याशी घोषित किए थे, जिनमें से 116 चुनाव जीते, जबकि कांग्रेस ने जिला परिषद चुनाव में कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, इसके बावजूद कांग्रेस विचारधारा से जुड़े पदाधिकारी चुनाव जीतने में सफल रहे।


उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में 12 में से नौ जिलों में भाजपा समर्थित जिला परिषद अध्यक्ष बने थे, लेकिन बाद में भाजपा इसे दोहरा नहीं पाई।


MIS पर बोले- सेब खरीद पर कोई कैप नहीं


सेब के लिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से सेब खरीद पर 100 बोरियों की कोई सीमा तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि MIS के तहत जितना सेब आएगा, सरकार उसे खरीदेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी नोटिस में कोई क्लेरिकल मिस्टेक हुई है तो उसे ठीक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित नोटिस पिछले वर्ष के लिए दिए गए थे। शिमला नगर निगम की ओर से जारी नोटिसों के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को इन्हें रोकने के निर्देश देने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानों के हित में सबसे ज्यादा काम कांग्रेस सरकार ने किया है।


आपदा राहत के 1500 करोड़ पर केंद्र को घेरा


हिमाचल में आपदा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता को लेकर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र और भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र से पहले भाजपा नेताओं को प्रधानमंत्री से प्रदेश के लिए घोषित सहायता राशि जारी करवाने की बात करनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने स्वयं 1500 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की थी और इसका उल्लेख सोशल मीडिया पर भी किया था, लेकिन अभी तक प्रदेश को यह राशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर फिर से 1500 करोड़ रुपये की सहायता जारी करने का आग्रह करेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश पर कर्मचारियों की देनदारियां हैं और केंद्र से आर्थिक सहायता मिलने पर इन देनदारियों को चुकाने में मदद मिलेगी।


14 अगस्त को हिमाचल आ सकती हैं प्रियंका गांधी


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के हिमाचल दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल उनका घर है और वह 14 अगस्त को प्रदेश आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी ने मंडी के देउरी स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए कहा था। हालांकि, फिलहाल स्कूल के उद्घाटन को लेकर उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है।


46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी


इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों को उपलब्ध करवाए गए हैं।


इनमें शिमला को नौ, कांगड़ा को आठ, मंडी और सोलन को पांच-पांच, हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति को तीन-तीन, सिरमौर, बिलासपुर और कुल्लू को दो-दो तथा किन्नौर को एक वाहन मिला है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। किसी भी आपदा या आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2024-25 में 9.60 करोड़ रुपये की लागत से 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए थे, जबकि 37 और नए वाहनों की खरीद प्रक्रिया जारी है।


सरकार अग्निशमन केंद्रों, चौकियों, वाहनों, आधुनिक उपकरणों और मानव संसाधन के विस्तार पर भी काम कर रही है। बिझड़ी में करीब 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी का भवन तैयार हो चुका है, जबकि नादौन और इंदौरा में उप-अग्निशमन केंद्रों के भवनों पर साढ़े तीन-साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कंडाघाट में उप-अग्निशमन केंद्र के लिए तीन करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नई अग्निशमन इकाइयों के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पद भरे गए हैं। सरकार का लक्ष्य आधुनिक वाहनों, अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचे के जरिए प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है, ताकि आग और अन्य आपदाओं में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।