बोले- जनकल्याण के फैसलों का विरोध कर रही भाजपा, 60 पैसे सेस के बावजूद पड़ोसी राज्यों से हिमाचल में पेट्रोल-डीजल सस्ता
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर ‘अनाथ एवं विधवा उपकर’ लागू होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा ने सरकार के इस फैसले को आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बताते हुए विरोध किया है। वहीं मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के आर्थिक संबल से जुड़ा मानवीय एवं दूरदर्शी कदम बताया है।
नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा का हर जनहितैषी और मानवीय फैसले का विरोध करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि अनाथ बच्चों और बेसहारा विधवाओं के कल्याण के लिए बनाए जा रहे फंड का विरोध करना क्या भाजपा की नैतिक राजनीति है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति संकीर्ण सोच पर आधारित है और वह सरकार के कल्याणकारी फैसलों को भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है।
चौहान ने पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके कार्यकाल के अंतिम समय में चुनावी लाभ के लिए पेट्रोल-डीजल पर पांच रुपये एक्साइज ड्यूटी कम की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गैर-जिम्मेदाराना फैसले से प्रदेश के राजस्व को नुकसान पहुंचा और राज्य की वित्तीय स्थिति पर इसका असर पड़ा, जिसका खामियाजा हिमाचल को आज तक भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि 60 पैसे प्रति लीटर सेस लागू होने के बावजूद हिमाचल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में करीब 70 पैसे प्रति लीटर कम हैं। ऐसे में भाजपा का केवल सेस को लेकर विरोध करना जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने कानून बनाकर अनाथ बच्चों के कल्याण की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। सेस से प्राप्त राजस्व का उपयोग अनाथ बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक मुफ्त शिक्षा, 4,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता तथा हर वर्ष हवाई और रेल यात्रा के माध्यम से एक्सपोजर टूर जैसी योजनाओं पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है। उनके अनुसार, राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राजस्व सुधारों से वित्तीय स्थिति में सुधार हो रहा है और हिमाचल धीरे-धीरे वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
चौहान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के राजस्व हितों की अनदेखी की, उसे अब अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदम भी बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा से राजनीतिक विरोध से ऊपर उठकर जरूरतमंद वर्गों के हित में लिए जा रहे फैसलों का समर्थन करने की अपील की।











