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हमीरपुर बनेगा शिक्षा का हब, साईंस कॉलेज से एम्स स्तर के आयुर्वेदिक संस्थान तक बड़ी सौगात

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मुख्यमंत्री सुक्खू की बड़ी घोषणाएं, 100 करोड़ से बनेगा प्रदेश का पहला साईंस कॉलेज; एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय भी खुलेगा, 74 एकड़ में बनेगा आयुर्वेदिक संस्थान

हमीरपुर। प्रदेश की शिक्षा राजधानी के रूप में पहचान बना चुके हमीरपुर को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगातों की घोषणा की है। हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला साईंस कॉलेज, एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय तथा 74 एकड़ भूमि पर एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित किया जाएगा। साईंस कॉलेज के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित कर 20 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी और हमीरपुर को शिक्षा राजधानी का दर्जा दिया गया है। हमीरपुर के विद्यार्थी देशभर में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं और सरकार का लक्ष्य उन्हें घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

शिक्षा की गुणवत्ता में हिमाचल पांचवें स्थान पर पहुंचा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में 21वें स्थान पर था, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बाद हिमाचल अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना जरूरी है।

इसी उद्देश्य से प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इनके शुरू होने के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में करीब 24 हजार की वृद्धि हुई है। स्कूलों के संचालन और आधारभूत ढांचे के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार नए पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर भी काम कर रही है।

कॉलेजों के युक्तिकरण पर भी सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने माना कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की कमी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसे दूर करने के लिए सरकार नीति तैयार कर रही है। साथ ही उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए महाविद्यालयों का युक्तिकरण भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य चयन आयोग और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कोई भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक और अनियमितताओं के आरोप दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया और प्रश्न-पत्र लीक मामलों में आरोपियों को जेल भेजा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी और 3-टेस्ला एमआरआई

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की दूसरी प्रमुख प्राथमिकता है। प्रदेश में बीमारियों की समय पर पहचान के लिए डायग्नोस्टिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जिसके लिए मरीजों से 30 हजार रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि सरकार 90 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है।

मेडिकल कॉलेजों में अधिक सटीक जांच के लिए 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दे रही है।

किशाऊ परियोजना पर बकाया भुगतान की शर्त

मुख्यमंत्री ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय किए गए 422 मेगावाट की परियोजना संबंधी समझौते को वर्तमान सरकार ने स्वीकार नहीं किया है। उनके अनुसार पुराने समझौते में हिमाचल को बिजली उत्पादन की लागत का बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के दृढ़ रुख के बाद अब हिमाचल को बिना वित्तीय निवेश किए करीब 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व प्राप्त होने की स्थिति बनी है। हालांकि किशाऊ परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए हिमाचल की शर्त स्पष्ट है।

पड़ोसी राज्य को अगली सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करना होगा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के बकाया भुगतान में उसका हिस्सा हिमाचल को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शर्त पूरी होने के बाद ही परियोजना को लेकर आगे कदम बढ़ाया जाएगा।

विद्यार्थियों को असफलता से सीखने का संदेश

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में हर बार सफलता मिलना जरूरी नहीं है। असफलता को सीखने और अगली सफलता की राह तलाशने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा भी एनएसयूआई से शुरू हुई थी और राजनीति में प्रवेश करना उनका लक्ष्य रहा था।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों की नई पहल शुरू हुई है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी प्रदेश में शुरू की गई है। उन्होंने नीट अभ्यर्थियों पर कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों के साथ खड़ी है।