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ग्रामीण अर्थव्यवस्था से शिक्षा-स्वास्थ्य तक, आत्मनिर्भर हिमाचल सरकार की प्राथमिकता : रोहित ठाकुर

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रिज मैदान पर जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिक्षा मंत्री ने फहराया तिरंगा, कहा- किसानों, बागवानों और कर्मचारियों के हित में लिए जा रहे फैसले


शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान पर 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।


रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और कृषि एवं बागवानी से जुड़ी है। सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। वर्तमान में गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का करीब 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए भी समर्थन मूल्य की व्यवस्था की गई है। इसके तहत गेहूं 80 रुपये, मक्की 50 रुपये, कच्ची हल्दी 150 रुपये और अदरक 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने का निर्णय लिया गया है।


शिक्षा क्षेत्र में रैंकिंग सुधरी


शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने पदोन्नतियों और रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में हिमाचल को राज्यों में तीसरा और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर पांचवां स्थान मिलने को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया।


परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में भी प्रदेश की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों, अधिकारियों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को दिया।


स्वास्थ्य ढांचे पर 3,000 करोड़ का प्रावधान


रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और कई स्थानों पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। पुराने स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।


पूर्ण साक्षर राज्य बनना बड़ी उपलब्धि


शिक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के समय हिमाचल की साक्षरता दर पांच प्रतिशत से भी कम थी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। सितंबर 2025 में हिमाचल प्रदेश और गोवा को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।


किसानों-बागवानों की आय बढ़ाने पर जोर


उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल को ‘फ्रूट बाउल ऑफ इंडिया’ बनाने का सपना देखा था और सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। यूनिवर्सल कार्टन से छोटे और सीमांत बागवानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मिड-हिल और बायोडा क्षेत्रों में बागवानी विस्तार तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं लागू की जा रही हैं।


OPS से 1.36 लाख कर्मचारियों को लाभ


रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देना सरकार की प्रमुख चुनावी प्रतिबद्धताओं में शामिल था। इसके लागू होने से करीब 1.36 लाख कर्मचारियों को लाभ मिला है।


उन्होंने प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार व्यापक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।


परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां


समारोह में जिला पुलिस, महिला पुलिस, होमगार्ड, यातायात पुलिस, एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट एंड गाइड और आपदा मित्र की टुकड़ियों ने मार्चपास्ट में हिस्सा लिया। हिमाचली नाटी, किन्नौरी नृत्य, सोलन गिद्दा, याक और सिंह नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।


मुख्य अतिथि ने उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक दल को 5-5 हजार रुपये तथा प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।


समारोह में ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के पदाधिकारी, उपायुक्त अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।