बोले- न कोई संपत्ति छिपाई, न वित्तीय लेन-देन; जांच में पूरा सहयोग जारी रखेंगे, चयनात्मक कार्रवाई पर उठाए सवाल
शिमला। वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा मंगलवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के समक्ष पेश हुए। शर्मा अपने साथ बैंक खातों, डीमैट खातों, निवेश, अचल संपत्तियों, वाहनों, ऋण और अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित सैकड़ों दस्तावेज लेकर पहुंचे। पूछताछ के बाद उन्होंने दावा किया कि विजिलेंस अधिकारियों की ओर से पूछे गए सभी सवालों के उन्होंने जवाब दिए हैं और आगे भी जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
सुधीर शर्मा ने कहा कि उनकी ओर से किसी भी संपत्ति या वित्तीय लेन-देन को छिपाने का सवाल ही नहीं उठता। उनके मुताबिक बैंक खातों, डीमैट खातों, निवेश और संपत्तियों से जुड़े सभी रिकॉर्ड जांच एजेंसी को उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी संपत्ति को छिपाए जाने का संदेह है तो जांच एजेंसी को उस संपत्ति की स्पष्ट पहचान करते हुए संबंधित रिकॉर्ड सामने रखना चाहिए।
चुनावी हलफनामे को बनाया आधार
सुधीर शर्मा ने कहा कि चुनाव लड़ने वाला प्रत्येक प्रत्याशी अपनी चल-अचल संपत्तियों और देनदारियों का विवरण चुनावी हलफनामे में देता है। यह सार्वजनिक दस्तावेज होता है। इसके अलावा संपत्तियों के पंजीकरण और राजस्व से संबंधित रिकॉर्ड भी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में संपत्ति छिपाने जैसे आरोपों की जांच तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर होनी चाहिए।
पैतृक जमीन की बिक्री के 74.07 लाख के दस्तावेज दिए
सुधीर शर्मा ने बताया कि बैजनाथ स्थित पैतृक भूमि के दो हिस्सों की बिक्री से जुड़े कुल 74.07 लाख रुपये के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि दोनों लेन-देन विधिवत पंजीकृत हैं और इनका किसी भी स्तर पर सत्यापन किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि इसी अवधि में 14.50 लाख रुपये में एक अन्य संपत्ति की बिक्री भी हुई थी। उनके अनुसार यह जानकारी नोटिस में अलग से नहीं मांगी गई थी, लेकिन पारदर्शिता के उद्देश्य से इसका विवरण भी विजिलेंस को दिए गए जवाब में शामिल किया गया है।
जांच से कोई परहेज नहीं, निष्पक्षता पर जोर
भाजपा विधायक ने कहा कि उन्हें जांच प्रक्रिया से कोई आपत्ति नहीं है। वे जांच एजेंसी के साथ आगे भी पूरा सहयोग करेंगे। हालांकि उन्होंने जांच की निष्पक्षता और कथित चयनात्मक कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी आपत्ति जांच से नहीं, बल्कि कथित चयनात्मक जांच और कार्रवाई से है। उन्होंने मांग की कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र, तथ्यपरक और सभी के लिए समान होनी चाहिए।
सरकार पर लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि मुकदमों और जांच के दबाव के बावजूद वह धर्मशाला और हिमाचल की जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे। सुधीर शर्मा ने कहा कि जनता की आवाज उठाने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता, लेकिन जांच हो तो निष्पक्ष और समान रूप से हो।
मुख्य बिंदु:
विजिलेंस के समक्ष पेश हुए भाजपा विधायक सुधीर शर्मा
सैकड़ों वित्तीय और संपत्ति संबंधी दस्तावेज साथ लेकर पहुंचे
सभी सवालों के जवाब देने का किया दावा
74.07 लाख रुपये की पैतृक भूमि बिक्री का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया
14.50 लाख रुपये की अन्य संपत्ति बिक्री का विवरण भी दिया
जांच में पूरा सहयोग जारी रखने की बात कही
कथित चयनात्मक कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिशोध पर सरकार को घेरा











