संभावित निवेशकों और निजी क्षेत्र की संस्थाओं के साथ आयोजित होगा प्री-प्रपोजल सम्मेलन
शिमला। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने हिमाचल प्रदेश कौशल विकास परियोजना के तहत एशियाई विकास बैंक की सहायता से विकसित किए जा रहे उत्कृष्टता केंद्र वाकनाघाट के संचालन एवं क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने केंद्र के संचालन के लिए व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य, वित्तीय रूप से सतत और दीर्घकालिक मॉडल तैयार करने पर जोर दिया।
धर्माणी ने हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम और कौशल विकास परियोजना के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित निवेशकों तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं के साथ प्री-प्रपोजल सम्मेलन आयोजित किया जाए। सम्मेलन में केंद्र के संचालन के लिए विभिन्न मॉडलों पर चर्चा कर बेहतर सुझाव लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से संभावित हितधारकों के साथ संवाद स्थापित होगा और केंद्र के लिए प्रभावी संचालन मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्कृष्टता केंद्र के संचालन की प्रक्रिया समयबद्ध और परिणामोन्मुखी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत तैयार आधारभूत ढांचे, उपकरणों और अन्य सुविधाओं का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। ऐसे में वाकनाघाट में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना से पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के साथ-साथ प्रदेश को इस क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
बैठक में केंद्र के समयबद्ध संचालन के लिए संस्थागत एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं, परियोजना के तहत सृजित आधारभूत ढांचे एवं उपकरणों के प्रभावी उपयोग तथा दीर्घकालिक और सतत परिचालन तंत्र विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री के अधोसंरचना सलाहकार अनिल कपूर, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक रोहित राठौर, योजना सलाहकार रविंद्र कुमार, महाप्रबंधक अमित कलथाइक, एसीएफ चमन कांत शर्मा, सेक्टर विशेषज्ञ कपिल भारद्वाज और जिला समन्वयक आंचल शर्मा उपस्थित रहे।











