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हिमाचल की जेलों में क्षमता से 30 फीसदी ज्यादा कैदी, 2580 की जगह 3355 बंद

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नाहन, कांडा और धर्मशाला की केंद्रीय जेलों में भी क्षमता से अधिक कैदी, धर्मशाला जेल में 197 ज्यादा बंदी



शिमला। हिमाचल प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रदेश की 14 जेलों में 2580 कैदियों को रखने की क्षमता है, जबकि वर्तमान में 3355 कैदी बंद हैं। यानी जेलों में निर्धारित क्षमता से करीब 30 फीसदी अधिक कैदी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।


सरकार के अनुसार प्रदेश की जेलों में बंद 3355 कैदियों में 1113 सजा-याफ्ता, 2203 विचाराधीन और 39 सिविल अथवा प्रिवेंटिव डिटेंशन में रखे गए कैदी हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि जेलों में बंद कैदियों में सबसे बड़ी संख्या विचाराधीन कैदियों की है।


धर्मशाला जेल में क्षमता से 197 ज्यादा कैदी


प्रदेश की प्रमुख केंद्रीय जेलों में भी क्षमता से अधिक कैदियों की स्थिति सामने आई है। नाहन की मॉडल सेंट्रल जेल में 471 कैदियों की क्षमता के मुकाबले 553 कैदी बंद हैं। शिमला की कांडा मॉडल सेंट्रल जेल में 438 की क्षमता के मुकाबले 530 कैदी हैं। वहीं धर्मशाला की डिस्ट्रिक्ट एवं ओपन होम जेल में 355 कैदियों की मंजूर क्षमता है, जबकि यहां 552 कैदी बंद हैं। इस तरह धर्मशाला जेल में क्षमता से 197 अधिक कैदी हैं।


एनडीपीएस कैदियों को ओपन एयर जेल भेजने पर रोक


मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा नियमों के तहत एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा पाए कैदियों को ओपन एयर जेलों में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। प्रदेश में अलग से हाई सिक्योरिटी जेल स्थापित करने के सवाल पर सरकार ने कहा कि इस संबंध में उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।


चार साल में आयुर्वेदिक संस्थानों में पहुंचे 84 हजार कैंसर मरीज
विधानसभा में भाजपा विधायक विनोद कुमार के सवाल के जवाब में सरकार ने प्रदेश के सरकारी और निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में कैंसर मरीजों के उपचार से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए। सरकार के अनुसार जनवरी 2023 से 10 अगस्त 2026 तक कुल 84,162 कैंसर मरीज उपचार के लिए इन संस्थानों में पहुंचे।


उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 2,380, वर्ष 2024 में करीब 2,443 और वर्ष 2025 में 744 कैंसर मरीज दर्ज किए गए। विधानसभा में पेश आंकड़ों ने प्रदेश में जेलों की क्षमता और स्वास्थ्य संस्थानों में कैंसर मरीजों के उपचार से जुड़े दबाव को भी सामने रखा है।