सुक्खू बोले-नए कार्ड पर उपचार की नई व्यवस्था; सहारा योजना में 1500 से 3000 लोगों को लाभ, पात्रता का सत्यापन जारी
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि हिमकेयर योजना बंद नहीं की गई है। सरकार पुरानी पेंडेंसी का भुगतान करने के साथ योजना को नए सिरे से लागू करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि नए हिमकेयर कार्ड बनने के बाद लाभार्थियों के उपचार की व्यवस्था नए सिस्टम के तहत होगी, जबकि पुरानी देनदारियों का भुगतान अलग से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमकेयर योजना में सामने आई अनियमितताओं की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि योजना में कहां और किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि सरकार ने हिमकेयर योजना बंद कर दी है।
पुरानी पेंडेंसी चुकाने में हर माह करीब 30 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हिमकेयर की पुरानी पेंडेंसी को लगातार निपटा रही है। इसके लिए हर महीने करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली देनदारियों का बड़ा बोझ सरकार के सामने है, जिसे चरणबद्ध तरीके से चुकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पुरानी पेंडेंसी और नए मामलों को एक साथ देखने के बजाय नई व्यवस्था में आगे बनने वाले कार्ड के उपचार संबंधी भुगतान को अलग तरीके से संचालित किया जाएगा।
हिमकेयर में अनियमितताओं की जांच जारी
मुख्यमंत्री ने हिमकेयर योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जांच आगे बढ़ने पर पूरे तथ्य सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि किन लोगों से पूछताछ होगी, पैसा कहां गया और किस स्तर पर अनियमितता हुई, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी अनियमितता को नजरअंदाज नहीं करेगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सहारा योजना अब वैलफेयर विभाग के अधीन
मुख्यमंत्री ने सहारा योजना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि योजना को स्वास्थ्य विभाग से वैलफेयर विभाग में स्थानांतरित किया गया है। उनके अनुसार वर्तमान में करीब 1500 से 3000 लोगों को सहारा योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ है और पात्र लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पात्रता की जांच के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी वेरिफिकेशन प्रक्रिया में लगाया गया है।
ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारा योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल जारी है। पात्र व्यक्ति योजना की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार पोर्टल पर आवेदन कर सकता है। सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने वाले लोगों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजना को बंद करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पात्र लोगों तक पहुंचे।
पूर्व सरकार पर अपात्र लोगों को लाभ देने का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान सहारा योजना में कुछ ऐसे लोगों को भी लाभ मिला जो इसके पात्र नहीं थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अब लाभार्थियों का सत्यापन कर रही है, ताकि सरकारी धन का लाभ केवल पात्र लोगों को ही मिले।।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी जरूरतमंद पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित नहीं करेगी, लेकिन अपात्र लोगों को सरकारी योजना का लाभ भी नहीं दिया जा सकता।
रोबोटिक सर्जरी पर विपक्ष के आरोपों का जवाब
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक सर्जरी को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और संबंधित प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं का विस्तार कर रही है, लेकिन साथ ही व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
नए कार्ड के साथ नई व्यवस्था लागू होगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिमकेयर के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्ड बनाए जाते हैं और विशेष परिस्थितियों में संबंधित चिकित्सा संस्थान के अधिकारियों को भी कार्ड बनाने की शक्ति है।
उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना बंद नहीं हुई है। सरकार पुरानी पेंडेंसी का भुगतान कर रही है और योजना को नए सिस्टम के साथ आगे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से आग्रह किया कि हिमकेयर योजना बंद होने की बात कहकर लोगों में भ्रम न फैलाया जाए।











