मुख्यमंत्री बोले- नशे के कारोबार में किसी की सिफारिश नहीं चलेगी, चिट्टे से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई
शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा किया है। विधानसभा में नशे के बढ़ते कारोबार और युवाओं को इसकी गिरफ्त में आने से रोकने को लेकर उठे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार नशे के कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीतिक या प्रशासनिक सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई में पूरे सदन की एकजुटता जरूरी है।
500 अतिरिक्त पुलिस जवान बढ़ाने पर विचार
सदन में चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस बल और विशेष बलों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। 500 अतिरिक्त पुलिस जवानों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि चिट्टे की तस्करी और इसके नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए पुलिस को और मजबूत किया जाएगा।
चिट्टे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे के कारोबार से कमाई गई रकम से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। ऐसी संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अवैध घोषित करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। कई मामलों में NDPS एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
नशे के कारोबार में सिफारिश नहीं चलेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चिट्टे से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की सिफारिश स्वीकार न की जाए। चाहे कोई नेता हो, अधिकारी हो या कोई अन्य प्रभावशाली व्यक्ति, नशे के कारोबार में संलिप्त पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
चिट्टे के मामले में 21 पुलिसकर्मी नौकरी से बाहर
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि पुलिस विभाग में चिट्टे से संबंधित मामलों में पाए गए 21 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। सरकार ने इसे नशे के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण बताया।
स्कूलों से शुरू होगा जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान स्कूल स्तर से शुरू किया जा रहा है। इसके बाद पंचायतों और अन्य स्तरों पर भी अभियान चलाया जाएगा। सरकार का जोर बच्चों और अभिभावकों को नशे के खतरे के बारे में समय रहते जागरूक करने पर है।
पंचायत स्तर पर पहली बार नशे की मैपिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली बार पंचायत स्तर पर नशे से संबंधित स्थिति की मैपिंग करवाई है। इससे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां लक्षित तरीके से कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने में मदद मिलेगी।
नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के पुनर्वास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नशा करने वालों को दंडित करना नहीं है। जो युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उन्हें rehabilitation के माध्यम से दोबारा स्वस्थ जीवन की ओर लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने माता-पिता से भी सहयोग की अपील की और कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है।
1100 नंबर पर दें नशे से जुड़ी सूचना
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी को चिट्टे से जुड़े लोगों या गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो 1100 नंबर पर सूचना दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर शिक्षण संस्थानों तक सभी स्तरों पर लोगों को जागरूक करना जरूरी है।
पूरे सदन की एकजुटता जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक मुद्दा नहीं होनी चाहिए। सरकार और विपक्ष सहित पूरे सदन को मिलकर इसके खिलाफ अभियान चलाना होगा। उनका कहना था कि युवाओं को नशे से बचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।











