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IRDP में पात्र गरीबों को शामिल करने के लिए 20 सितंबर तक चलेगा नया सर्वे, आय सीमा 75 हजार तय

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ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह बोले-सात पात्रता और पांच अपात्रता मानकों पर होगा चयन

विधायक जीत राम कटवाल ने आय प्रमाणपत्र की समस्या और अपात्र लोगों के चयन का मामला उठाया


शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को झंडूता के विधायक जीत राम कटवाल ने IRDP के नए सर्वे में पात्र गरीब परिवारों के छूटने और अपात्र लोगों के शामिल होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए सर्वे के बाद कई पात्र लोगों को आय प्रमाणपत्र न मिलने के कारण योजना के लाभ से वंचित होने की स्थिति पैदा हुई है। बिलासपुर जिले में भी बड़ी संख्या में लोगों के आय प्रमाणपत्र नहीं बन पाने की शिकायतें सामने आई हैं।


कटवाल ने कहा कि कई परिवार वास्तव में गरीब हैं, लेकिन दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण वे पात्र होते हुए भी सूची से बाहर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि IRDP की सूची को दोबारा जांचा जाए और वास्तविक पात्र लोगों को योजना में शामिल करने के साथ-साथ अपात्र लोगों को लाभ लेने से रोका जाए।


20 सितंबर तक चलेगा नया सर्वे


ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने जवाब में कहा कि सरकार ने IRDP में पात्र लोगों की पहचान के लिए नया चरण शुरू किया है, जो 20 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि पात्रता तय करने के लिए सात Inclusion Criteria और पांच Exclusion Criteria निर्धारित किए गए हैं।


मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को केवल पंचायत प्रधान या पंचायत सचिव अपनी मर्जी से पात्र या अपात्र घोषित नहीं कर सकता। इसके लिए निर्धारित मानकों के आधार पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी और Inclusion तथा Exclusion की सूची के अनुसार ही पात्रता तय की जाएगी।


75 हजार से अधिक आय वाले अपात्र


अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि योजना में 75 हजार रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा सरकारी नौकरी सहित निर्धारित Exclusion Criteria में आने वाले परिवारों को भी योजना से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पात्रता के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है और यदि किसी मानक में मनरेगा में काम करने की शर्त लागू होती है तो संबंधित व्यक्ति को उसके अनुसार काम करना होगा।


मंत्री ने कहा कि सरकार ने Inclusion और Exclusion Criteria की प्रतियां उपलब्ध करवा दी हैं, ताकि पात्रता को लेकर किसी तरह की मनमानी या भ्रम की स्थिति न रहे। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है या किसी अपात्र व्यक्ति को सूची में शामिल किया गया है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी जांच कर आवश्यक सुधार किया जाएगा।


BPL सूची के पात्र लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट


मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना सहित गरीब परिवारों से जुड़ी योजनाओं को लेकर सरकार गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BPL की पहली सूची में शामिल लोगों को मनमाने ढंग से बाहर नहीं किया जा रहा है। हालांकि पात्रता के लिए निर्धारित सरकारी मानकों का पालन करना जरूरी है।


उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों के शिकायतें लेकर विभाग के पास पहुंचने के मामले सामने आए हैं। कई मामलों में लोग पहले पात्र थे, लेकिन बाद में उनकी स्थिति में बदलाव हुआ है। वहीं कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां पात्रता के लिए जरूरी दस्तावेज या आय प्रमाणपत्र समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।


मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि वास्तविक गरीब और पात्र परिवार किसी दस्तावेजी या प्रशासनिक समस्या के कारण योजना के लाभ से वंचित न रहें और अपात्र लोगों को सरकारी योजना का लाभ न मिले। इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।