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टैक्सी ऑपरेटरों के मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आमने-सामने, मुकेश बोले- 15 साल की सीमा के लिए केंद्र को लगातार पत्र लिखे

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डिप्टी CM ने कहा- AITP में 12 से 15 साल की सीमा पूरे देश में हिमाचल के आग्रह पर हुई

प्रदेश में चलने वाली कॉन्ट्रैक्ट कैरिज गाड़ियों पर केंद्र के फैसले तक चालान नहीं होगा

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और टैक्सी ऑपरेटरों की मांगों को लेकर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष यह आरोप लगाकर गलत तस्वीर पेश कर रहा है कि प्रदेश सरकार टैक्सी ऑपरेटरों के मुद्दे को केंद्र पर डाल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AITP और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों से जुड़े अलग-अलग प्रावधान केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) के तहत वाहनों की आयु सीमा 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष करवाने का मामला हिमाचल सरकार ने केंद्र के समक्ष उठाया था। केंद्र ने इसे मंजूरी दी और हिमाचल ने भी इसके अनुरूप तत्काल नोटिफिकेशन जारी किया। उप मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के 1,039 वाहन AITP पोर्टल पर पंजीकृत होकर इस व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि AITP के लिए केंद्र सरकार की ओर से करीब 20 हजार रुपये शुल्क लिया जा रहा है। टैक्सी ऑपरेटरों की मांग पर हिमाचल सरकार ने केंद्र से यह शुल्क कम करने का आग्रह भी किया है।


प्रदेश के भीतर चलने वाली गाड़ियों के लिए भी 15 साल की मांग
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि असली विवाद उन कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों को लेकर है जो केवल हिमाचल प्रदेश की सीमा के भीतर संचालित होते हैं। इनकी आयु सीमा अभी 12 वर्ष निर्धारित है। हिमाचल सरकार ने केंद्र से मांग की है कि इन वाहनों को भी 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की अनुमति दी जाए।


उन्होंने कहा कि केंद्र से फैसला आने तक राज्य सरकार ने टैक्सी ऑपरेटरों को अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया है। 12 वर्ष की आयु पार कर चुके कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों के हिमाचल प्रदेश के भीतर चालान नहीं किए जाएंगे और उनकी पासिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था कानून के स्थायी बदलाव का विकल्प नहीं है, लेकिन प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटरों को राहत देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ऑपरेटरों के साथ है और केंद्र से जल्द निर्णय की उम्मीद है।


ATS पर भी केंद्र की नीति का हवाला


उप मुख्यमंत्री ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के मुद्दे पर भी कहा कि यह केंद्र सरकार की नीति के तहत लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि जब तक प्रदेश और देश में पर्याप्त ATS स्थापित नहीं हो जाते, तब तक मैनुअल फिटनेस जांच की व्यवस्था जारी रखने की अनुमति दी जाए।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के संबंधित मंत्री के साथ इस विषय पर बातचीत हुई है और सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।


नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर डिप्टी सीएम का पलटवार

उप मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पांच साल तक मुख्यमंत्री रहे व्यक्ति को परिवहन से जुड़े नियमों और वैधानिक प्रावधानों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा यह कहना उचित नहीं है कि सरकार हर मामले की जिम्मेदारी केंद्र पर डाल रही है।


उन्होंने कहा, “पोर्टल केंद्र सरकार का है, कानून केंद्र सरकार के हैं और नीतियां केंद्र सरकार की हैं। इसमें हम जितना कर सकते हैं, उतना कर रहे हैं।”


उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने केंद्र को लगातार पत्र लिखे हैं और टैक्सी ऑपरेटरों के हित में हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्र को भेजे गए पत्र भी सदन में रखे जा सकते हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और कानूनी स्थिति के आधार पर देखा जाए।