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सैकड़ों पन्नों के जवाब से विधायकों को राहत की तैयारी, ऑनलाइन दस्तावेज उपलब्ध कराने पर विचार

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मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से भारी-भरकम जवाब ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विचार करने को कहा, मोबाइल पर देख सकेंगे पूरी जानकारी


शिमला। विधानसभा में सवालों के जवाब के साथ आने वाले सैकड़ों पन्नों के दस्तावेजों को लेकर नई व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा अध्यक्ष से सुझाव दिया कि जिन सवालों के जवाब में सैकड़ों पन्नों की जानकारी होती है, ऐसे दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था पर विचार किया जाए। इससे विधायक मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यम से घर और कार्यालय में बैठकर पूरी जानकारी देख सकेंगे।


प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार किसी सवाल के जवाब में बड़ी मात्रा में जानकारी आती है और जवाब सैकड़ों पन्नों का हो जाता है। ऐसे भारी-भरकम दस्तावेजों को साथ रखना और उनका अध्ययन करना विधायकों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में इन्हें डिजिटल रूप में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था उपयोगी हो सकती है।


मोबाइल पर पढ़ सकेंगे पूरा जवाब


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन दस्तावेज उपलब्ध होने से विधायक अपने मोबाइल, लैपटॉप या अन्य माध्यम से संबंधित सवाल का पूरा जवाब कहीं से भी पढ़ सकेंगे। इससे भारी-भरकम दस्तावेज साथ रखने की परेशानी कम होने के साथ कागज की भी बचत होगी।


हर सवाल की पूरी जानकारी सदन में रखना सरकार का दायित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सदस्य की ओर से पूछा गया सवाल महत्वपूर्ण होता है और उसका पूरा जवाब सदन में रखना सरकार का दायित्व है। विभागों की ओर से सवालों से संबंधित जो भी जानकारी मांगी जाती है, उसे तैयार कर सदन में उपलब्ध करवाया जाता है।


उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य ने जानकारी मांगी है और वह किसी कारणवश सदन में मौजूद नहीं है, तब भी सरकार की ओर से संबंधित जानकारी तैयार रखी जाती है और उसे सदन के रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाता है।


अनुपस्थित सदस्यों के सवालों की जानकारी भी होगी सार्वजनिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में रखी गई जानकारी केवल संबंधित सदस्य तक सीमित नहीं रहती। विधानसभा की कार्यवाही के माध्यम से यह जानकारी जनता, प्रेस और मीडिया तक भी पहुंचती है। इसलिए किसी सदस्य की अनुपस्थिति में भी उसके सवाल से संबंधित जवाब सदन के रिकॉर्ड में रहेगा और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगा।


ऑनलाइन दस्तावेज की व्यवस्था लागू होने पर सैकड़ों पन्नों वाले जवाबों को संभालने की परेशानी कम होगी और विधायक डिजिटल माध्यम से विस्तृत जानकारी आसानी से देख सकेंगे।