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हिमकेयर में सरकारी अस्पतालों के इलाज खर्च पर लगी सीमा, वास्तविक खर्च या पैकेज रेट में जो कम होगा उतना ही मिलेगा भुगतान

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सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में हिमकेयर मरीजों के इलाज पर नई व्यवस्था लागू

दवाइयों, सर्जिकल आइटम और अन्य सामग्री की अलग से बजट व्यवस्था होने पर उनका दावा हिमकेयर में नहीं किया जा सकेगा


शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज के खर्च के भुगतान को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से 27 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार अब हिमकेयर के तहत प्रतिपूर्ति दावा इलाज पर हुए वास्तविक खर्च या निर्धारित पैकेज रेट, दोनों में से जो कम होगा, उसी तक सीमित रहेगा।


सरकार ने यह आदेश 8 अप्रैल 2026 को जारी विभागीय अधिसूचना के स्थान पर लागू किया है। अधिसूचना के अनुसार सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और मेडिकल डेंटल कॉलेज हिमकेयर योजना के तहत इलाज पर हुए वास्तविक खर्च के साथ HIMCARE Sathi के पारिश्रमिक का दावा कर सकेंगे, लेकिन यह दावा निर्धारित नियमों के अधीन रहेगा।


मरीजों को कैशलेस इलाज देना होगा


नई व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों और मेडिकल व डेंटल कॉलेजों को हिमकेयर के तहत पात्र मरीजों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाना होगा। इसके लिए इलाज से संबंधित आवश्यक दवाइयां, मेडिकल आइटम, कंज्यूमेबल और सर्जिकल आइटम आदि अस्पताल की ओर से उपलब्ध करवाए जाएंगे।


हालांकि, जो दवाइयां, मेडिकल आइटम, कंज्यूमेबल या सर्जिकल सामग्री राज्य सरकार या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से अलग से वार्षिक आपूर्ति अथवा बजट के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाती हैं, उनके खर्च का दावा अस्पताल हिमकेयर योजना के तहत नहीं कर सकेंगे।


सरकारी बजट से मिलने वाली सामग्री का दोहरा दावा नहीं


अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिन आवश्यक दवाइयों और अन्य सामग्री की व्यवस्था राज्य सरकार या NHM के बजट से अलग से की जाती है, उन्हें हिमकेयर के तहत वास्तविक खर्च या निर्धारित पैकेज रेट में शामिल कर दोबारा दावा नहीं किया जा सकेगा। इससे सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करवाई जा रही सामग्री और हिमकेयर के भुगतान के बीच दोहरे दावे की स्थिति को रोकने की कोशिश की गई है।


तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश


स्वास्थ्य विभाग के सचिव आशीष सिंगमार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। आदेश की प्रतियां प्रधान महालेखाकार, सभी उपायुक्तों, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों, हिमकेयर सोसायटी, स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय, NHM और प्रदेश के सभी विभागाध्यक्षों समेत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।