Advertisement

औद्योगिक कचरे के लिए नई साइट तलाशेगी सरकार, लिक्विड वेस्ट डालने पर रोक

Spread the love

उद्योग मंत्री बोले- मौजूदा साइट से लिक्विड वेस्ट का निपटान बंद, सॉलिड वेस्ट को भी दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी


हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2006 में विकसित हुई थी साइट, करीब 50 साल की लीज पर है जमीन


पीसीबी और उद्योग विभाग के साथ समीक्षा कर नई साइट चयन की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन


शिमला। औद्योगिक कचरे के निपटान से आसपास के लोगों को हो रही परेशानी का मामला हिमाचल प्रदेश विधानसभा में उठा। सदन में चर्चा के दौरान उद्योग मंत्री ने कहा कि मौजूदा वेस्ट डिस्पोजल साइट पर लिक्विड वेस्ट डालना बंद कर दिया गया है। अब सॉलिड वेस्ट से पैदा हो रही दुर्गंध और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए नई साइट तलाशने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


मामला उठाते हुए विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में लंबे समय से औद्योगिक कचरे के निपटान की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि आसपास करीब 200-300 मीटर के दायरे में आबादी है और सॉलिड वेस्ट की वजह से लोगों को दुर्गंध समेत अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने लिक्विड और हेजार्डस वेस्ट के निपटान से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई।


हाईकोर्ट के आदेश के बाद विकसित हुई थी साइट


उद्योग मंत्री ने बताया कि संबंधित वेस्ट डिस्पोजल साइट वर्ष 2006 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विकसित की गई थी। इसके लिए जमीन करीब 50 साल की लीज पर हिमाचल सरकार को मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ अलग-अलग उद्योगों से निकलने वाला कचरा भी इस साइट पर पहुंचता रहा है।


लिक्विड वेस्ट से सीपेज और पानी प्रदूषण का खतरा


सदन में चर्चा के दौरान बताया गया कि कुछ उद्योगों, विशेषकर केमिकल और एपीआई उद्योगों से निकलने वाला लिक्विड वेस्ट पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसके कारण सीपेज, पानी के प्रदूषण और दुर्गंध की समस्या सामने आ सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा साइट पर लिक्विड वेस्ट का निपटान बंद कर दिया गया है।


सॉलिड वेस्ट भी दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सॉलिड वेस्ट साइट को भी दीर्घकालिक रूप से दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना पर काम किया जाएगा। इसके लिए नई साइट का चयन करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि नई जगह ऐसी होनी चाहिए, जहां कचरे का सुरक्षित निपटान हो सके और आसपास रहने वाली आबादी को परेशानी न हो।


उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को तत्काल बंद करना संभव नहीं है, क्योंकि प्रदेश में औद्योगिक कचरे के निपटान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी है। सरकार नई साइट के चयन के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार करेगी।


नए एथेनॉल प्लांट नहीं लगाने पर भी सरकार का रुख


उद्योग मंत्री ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में नए एथेनॉल प्लांट नहीं लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एथेनॉल प्लांट बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल करते हैं और इनके कचरे के निपटान को लेकर भी पर्यावरणीय चुनौतियां रहती हैं।


सरकार ने आश्वासन दिया कि मामले की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ दोबारा समीक्षा की जाएगी। लोगों की परेशानी को देखते हुए सॉलिड वेस्ट को शिफ्ट करने और नई साइट के चयन की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।