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हर वर्ग तक पहुंच रहा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, सरकार का फोकस अतिनिर्धन परिवारों पर: सुक्खू

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मुख्यमंत्री ने राजपूत कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की, 2 अक्तूबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’


शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र व्यक्ति तक सीधे पहुंचे। मुख्यमंत्री बुधवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार ने विभिन्न वर्गों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और अब इनके लाभ को पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार 2 अक्तूबर से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करने जा रही है। इसके तहत करीब 2 लाख अतिनिर्धन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा दी जाएगी, जबकि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार इनमें करीब 90 हजार ऐसे परिवार हैं, जिन्हें अभी तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है।


प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, गेहूं-मक्की समेत अदरक पर एमएसपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। सरकार गेहूं 80 रुपये प्रति किलो, मक्की 50 रुपये प्रति किलो और कच्ची हल्दी 150 रुपये प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर खरीद रही है।


उन्होंने कहा कि पहली बार अदरक के लिए भी 30 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य तय किया गया है। इसके अलावा हिमाचल में दूध उत्पादकों को भी बेहतर मूल्य दिया जा रहा है। गाय के दूध की खरीद 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध की 71 रुपये प्रति लीटर की दर से की जा रही है।


मेधावी छात्रों को एक फीसदी ब्याज पर 20 लाख तक शिक्षा ऋण


मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की गई है। योजना के तहत पात्र मेधावी विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ देने के लिए योजना में पारिवारिक आय की सीमा को 4 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये किया गया है।


विधवाओं और दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार


मुख्यमंत्री ने कहा कि विधवा महिलाओं के बच्चों को आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़नी न पड़े, इसके लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना शुरू की गई है। योजना के तहत विधवाओं और दिव्यांग माता-पिता के पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।


इसके साथ ही 18 से 27 वर्ष की आयु तक के पात्र बच्चों की प्रदेश और बाहरी राज्यों के सरकारी शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार वहन कर रही है।


होम स्टे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा


मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना के तहत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत, शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है और लोगों की आर्थिकी मजबूत हो रही है।
बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव के.के. पंत, राजपूत कल्याण बोर्ड के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य, प्रशासनिक सचिव और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।