विधानसभा में पेंशन-एरियर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, आरडीजी और आपदा राशि पर भी हुई तीखी बहस
शिमला। हिमाचल विधानसभा में वीरवार को कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों को लेकर एक प्रश्न पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जनवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी सरकार की ओर से एरियर का भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि क्लास-3 कर्मचारियों को निर्धारित अनुपात में पे एरियर दिया गया है, जबकि 58 वर्ष से अधिक आयु के क्लास-4 कर्मचारियों को पेंशन एरियर का भुगतान कर दिया गया है और पे एरियर के तौर पर 20 हजार रुपये भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने धरने पर बैठे कर्मचारियों को लेकर कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर धरना देना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने बकाया एरियर की मांग कर रहे हैं तो सरकार को भी इससे जागरूकता मिलती है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
आरडीजी को लेकर सरकार पर विपक्ष का पलटवार
बहस के दौरान विपक्ष ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाए। विपक्ष की ओर से कहा गया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पांच साल में करीब 47 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में मिले, जबकि वर्तमान सरकार को अब तक करीब 17 हजार करोड़ रुपये ही मिले हैं। इसी तरह जीएसटी से मिलने वाली राशि को लेकर भी दोनों पक्षों में आंकड़ों पर बहस हुई।
1500 करोड़ की आपदा सहायता पर भी हुई नोकझोंक
मुख्यमंत्री के उस तर्क पर भी विपक्ष ने सवाल उठाया जिसमें केंद्र से 1500 करोड़ रुपये की सहायता नहीं मिलने को प्रदेश की आर्थिक स्थिति से जोड़ा गया था। जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा के दौरान राज्य सरकार ने अपने बजट से प्रभावित लोगों के घर, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया। केंद्र से मिलने वाली सहायता निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ही खर्च की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में दो बड़ी आपदाओं का सामना किया है और सरकार ने उस दौरान राहत एवं पुनर्निर्माण के लिए अपने स्तर पर काम किया। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावी लाभ को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के हित में निर्णय ले रही है।
OPS पर बोले मुख्यमंत्री- पात्र कर्मचारी वंचित है तो मामला बताएं
पुरानी पेंशन योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने फिर कहा कि सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में OPS लागू करने का फैसला किया था। यदि कोई पात्र कर्मचारी NPS से OPS में आने के बाद भी इसका लाभ नहीं ले पा रहा है तो उसका मामला सरकार के ध्यान में लाया जाए, उसका समाधान किया जाएगा।
बहस के दौरान सदन में कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक हुई। अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से शांत रहने और मुख्यमंत्री के जवाब को सुनने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार के पास अभी लंबा कार्यकाल है और वह शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है।











