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चुराह में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे, सीएम बोले- क्षेत्र का विशेष ध्यान रखेंगे

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पेड़ों पर लटकती तारों और बिजली के खंभों की शिकायत पर सीएम ने मांगी रिपोर्ट, गलत रिपोर्ट देने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी

डी-नोटिफाइड एक्सईएन डिवीजन पर बोले- पहले रिक्त पद भरेंगे

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में चुराह विधानसभा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठा। विधायक डॉ. हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री से क्षेत्र में बिजली की खराब व्यवस्था सुधारने और आरडीएसएस के तहत चुराह के लिए आवंटित करीब 16 करोड़ रुपये का सही तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करने का आग्रह किया।


विधायक ने कहा कि चुराह के लच्छा, बैरागढ़, चांजपुर, पुच्छेड़ सहित कई दूरदराज क्षेत्रों में आज भी बिजली की तारें पेड़ों पर लटकी हुई हैं। कई जगह खंभों की स्थिति भी खराब है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में छोटे-छोटे कामों के लिए भी दिक्कत आती है। कभी ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं होते तो कभी कंडक्टर नहीं मिलते।
उन्होंने चुराह में डी-नोटिफाई किए गए बिजली बोर्ड के एक्सईएन डिवीजन को दोबारा नोटिफाई करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विधायक के क्षेत्र में वास्तव में पेड़ों पर खंभे या लटकी हुई बिजली की तारें हैं तो इसकी जानकारी उन्हें दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों ने इस संबंध में गलत रिपोर्ट दी है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में बिजली की गुणवत्ता बेहतर हो।


उन्होंने बताया कि आरडीएसएस के तहत कई घटक लंबे समय से लंबित थे। सरकार ने अब टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। इसके तहत स्मार्ट मीटरिंग, नई बिजली लाइनें लगाने और ट्रांसफार्मर बदलने जैसे काम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुराह क्षेत्र में बिजली की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।


डी-नोटिफाइड एक्सईएन डिवीजन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने चुनाव से करीब छह महीने पहले बड़ी संख्या में संस्थान खोले थे, लेकिन उनमें पर्याप्त कर्मचारी तैनात नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि बिना एसडीओ, जेई, एक्सईएन और क्लेरिकल स्टाफ के कार्यालय खोलने का कोई फायदा नहीं है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले रिक्त पदों को भरने का प्रयास कर रही है। इसके बाद जहां आवश्यकता होगी, वहां एक्सईएन कार्यालय खोलने पर उचित समय में निर्णय लिया जाएगा।