नेगी बोले- सेब उत्पादन में भारी गिरावट, MIS दर बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा
शिमला। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 3000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मानसून के अंतिम चरण में हुई भारी बारिश से लाहौल-स्पीति, किन्नौर सहित कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार की टीमें भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन कर रही हैं।
नेगी ने बताया कि केंद्र की टीमें धर्मशाला, मनाली सहित विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नुकसान का जायजा ले रही हैं। राज्य सरकार की ओर से भी नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की टीमों की रिपोर्ट के आधार पर आगे राहत और पुनर्वास से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
सेब उत्पादन में भारी गिरावट
बागवानी मंत्री ने कहा कि मौसम की मार का असर इस वर्ष सेब उत्पादन पर भी पड़ा है। अब तक प्रदेश की मंडियों में करीब 1.14 करोड़ सेब पेटियां पहुंची हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक लगभग 1.76 करोड़ पेटियां मंडियों में आ चुकी थीं।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष करीब तीन से साढ़े तीन करोड़ पेटियों का उत्पादन हुआ था, जो कई वर्षों में सबसे अधिक था। इस बार उत्पादन में भारी कमी आई है और सीजन समाप्त होने तक करीब दो करोड़ पेटियां मंडियों में पहुंचेंगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
नेगी ने कहा कि बागवानों को राहत देने के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत खरीद का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। सरकार का प्रयास है कि कम उत्पादन के कारण प्रभावित बागवानों को राहत मिल सके।
SIR को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना
चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि देश में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से चुनाव आयोग के आयुक्त भाजपा के इशारे और एजेंडे के अनुसार काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को कमजोर करने और अपनी पसंद के अधिकारियों की नियुक्ति के लिए कानूनों में बदलाव किए हैं।
SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नेगी ने आरोप लगाया कि इसके माध्यम से करोड़ों लोगों के मताधिकार को प्रभावित किया गया है। उन्होंने कहा कि वोट देना लोगों का सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी मामला लंबित है।
किन्नौर कांग्रेस विवाद पर भी बोले नेगी
किन्नौर कांग्रेस में चल रहे विवाद और कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के अनुशासन संबंधी बयान पर नेगी ने कहा कि पार्टी का अनुशासन सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक सच्चे कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में अपनी बात पार्टी फोरम में रखी है और संबंधित नेताओं के समक्ष भी अपनी बात रखी है।
उन्होंने कहा कि जब पार्टी फोरम में हुई चर्चाएं सार्वजनिक होती हैं और बाहर उनसे सवाल पूछे जाते हैं, तो उनका जवाब देना भी जरूरी हो जाता है। राहुल गांधी के ‘स्लीपर सेल’ संबंधी बयान का उल्लेख करते हुए नेगी ने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसे लोगों को चिन्हित करने की जरूरत है जो संगठन के हित में काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘जयचंदों और भगोड़ों’ से पार्टी मजबूत नहीं हो सकती। संगठन को कांग्रेस के संविधान और पार्टी के आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा।
कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री का अधिकार क्षेत्र
कैबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि कई बार मंत्रिमंडल में पद लंबे समय तक भी खाली रहते हैं। यदि मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाना है तो इसे समय रहते किया जाना चाहिए।












