वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण में मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल
प्रदेश पर 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज और कर्मचारियों-पेंशनरों के लंबित भुगतान को लेकर सरकार को घेरा
शिमला। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है और पार्टी सत्ता में आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को भी भूल गई है। उन्होंने वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए प्रदेश की आर्थिक स्थिति, कर्मचारियों-पेंशनरों के लंबित भुगतान और कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को लेकर भी सरकार को घेरा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के नेता हर विधानसभा क्षेत्र में वीरभद्र सिंह की तस्वीर लेकर प्रचार करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद पार्टी ने उन्हें और उनके परिवार को भुला दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कार्यक्रम में क्यों शामिल नहीं हुए। उन्होंने इसे कांग्रेस के भीतर बढ़ती गुटबाजी का उदाहरण बताया।
कटासनी स्टेडियम के निर्माण पर भी उठाए सवाल
भाजपा सांसद ने कटासनी में प्रस्तावित स्टेडियम के निर्माण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसका शिलान्यास किया था, लेकिन करीब दो दशक बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अब छह करोड़ रुपये देने की बात कर रही है। ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह के नाम पर बनने वाले स्टेडियम के लिए कम से कम 60 से 100 करोड़ रुपये का प्रावधान होना चाहिए था। उन्होंने सवाल किया कि छह करोड़ रुपये में वहां क्या निर्माण हो पाएगा।
1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज पर घेरा
अनुराग ठाकुर ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश पर 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज होना सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में सुक्खू सरकार ने प्रदेश को वित्तीय संकट की ओर धकेला है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के करीब 8,555 करोड़ रुपये के भुगतान लंबित हैं। उनके अनुसार, सरकार को इन देनदारियों के निपटारे को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने समोसे की सीआईडी जांच और प्रतिबंधित जंगली मुर्गे से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
चुनावों में नुकसान और गारंटियों पर साधा निशाना
भाजपा सांसद ने पंचायतीराज चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद, नगर निगम और पंचायत चुनावों में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव करवाने में देरी के पीछे हार का डर था। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन में बीडीसी अध्यक्ष के चुनाव नहीं करवाए जाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने इसे कांग्रेस की चुनावी आशंकाओं से जोड़ा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनता ने अपने मताधिकार के माध्यम से सरकार को जवाब दिया है।
उन्होंने कांग्रेस की चुनावी गारंटियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को 1,500 रुपये देने और पांच लाख नौकरियां उपलब्ध करवाने के वादों का क्या हुआ। उन्होंने किसानों और बागवानों से किए गए वादों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
राहुल गांधी के चुनावी मॉडल पर भी कसा तंज
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुनावी गारंटियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनका ‘खटाखट-खटाखट’ मॉडल अब खटारा हो चुका है और हिमाचल प्रदेश कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हिमाचल के कई दौरे किए, लेकिन प्रदेश की जनता से किए गए वादों को लेकर जवाबदेही नहीं दिखाई।
उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं को रोजगार और बागवानों को उनकी उपज के उचित दाम देने के वादे अब तक क्यों पूरे नहीं हुए।












