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स्वर्ण आंदोलन को मंत्री अनिरुद्ध सिंह का समर्थन, सीएम से कल होगी मुलाकात

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सचिवालय के बाहर प्रदर्शन और चक्का जाम के बाद सीएम सुक्खू से कल मिलेगा आंदोलनकारियों का प्रतिनिधिमंडल

मंत्री ने एफआईआर दर्ज न करने का दिया आश्वासन, यूजीसी नियम वापस लेने और स्वर्ण आयोग गठन की मांग


शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण आयोग के गठन और यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन गुरुवार को उग्र हो गया। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी और करणी सेना की अगुवाई में मनाली से करीब 600 किलोमीटर की पदयात्रा कर शिमला पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने राज्य सचिवालय के बाहर चक्का जाम किया और जमकर नारेबाजी की।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया। इस बीच, प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने खुले मंच से आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि अगर अन्य वर्गों के लिए आयोग गठित किए जा सकते हैं, तो स्वर्ण आयोग बनाने में भी कोई हर्ज नहीं है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि चक्का जाम के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ उनकी मुलाकात करवाई जाएगी।


मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है। किसी को भी अपनी मांगें रखने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि लोगों की मांगों को सुना जाना चाहिए और मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।


सचिवालय के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने किया बल प्रयोग


राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के द्वार नंबर एक के समीप पहुंचकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़े गए और प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नियम वापस लेने तथा सामान्य वर्ग के लिए आयोग गठित करने की मांग उठाई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठियां भांजीं। चक्का जाम के कारण शहर की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।


रूमित सिंह ठाकुर ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए मंत्री अनिरुद्ध सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्वर्ण आयोग के गठन के लिए विधानसभा से कानून पारित करवाना होगा। मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक में आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दे उठाए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।


भाजपा और कांग्रेस दोनों पर साधा निशाना


प्रदर्शन के दौरान रूमित सिंह ठाकुर और महिपाल सिंह मकराना ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर सामान्य वर्ग के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने यूजीसी के नियम बनाए, जबकि कांग्रेस ने भी उनका विरोध नहीं किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग के लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने आरक्षण को जाति के बजाय आर्थिक आधार पर देने की मांग भी उठाई।


राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने 10 जनवरी को दिल्ली कूच करने की घोषणा भी की। अब मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक पर आंदोलनकारियों की नजरें टिकी हैं।