Advertisement

घाटे से उबरकर मुनाफे की ओर बढ़ रहा हिमफेड, हरोली में खुलेगा खाद केंद्र

Spread the love

नगरोटा बगवां में शहद प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का निर्णय, खाद कारोबार में पिछले साल के मुकाबले पांच करोड़ रुपये अधिक टर्नओवर


शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ मर्यादित (हिमफेड) अब घाटे से उबरकर मुनाफे की ओर बढ़ रहा है। किसानों और बागवानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ संस्था की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर चौहान की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में ऊना जिले के हरोली में नया खाद बिक्री केंद्र खोलने और कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में शहद प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने को मंजूरी दी गई। बैठक में पिछली बैठक के 104 एजेंडा मदों की एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जबकि 34 नए एजेंडा मदों पर चर्चा की गई।


खाद कारोबार में 6.5 करोड़ रुपये की बिक्री


हिमफेड के अध्यक्ष महेश्वर चौहान ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहने के कारण करीब चार महीने तक देशभर में खाद की आपूर्ति प्रभावित रही। इसके बावजूद हिमफेड ने कर्मचारियों के प्रयासों से सितंबर के अंत तक उर्वरक कारोबार में पिछले वर्ष की तुलना में करीब पांच करोड़ रुपये अधिक का टर्नओवर हासिल किया है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर में खाद की बिक्री करीब तीन करोड़ रुपये थी, जो इस वर्ष बढ़कर 6.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हरोली में नया उर्वरक बिक्री केंद्र तत्काल प्रभाव से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।


शहद प्रसंस्करण संयंत्र से बढ़ेगी आय


संस्था की आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए नगरोटा बगवां में शहद प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा नए पेट्रोल पंप खोलने की संभावनाएं तलाशने के लिए व्यावहारिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। चौहान ने बताया कि तलवाड़ा की उन्नति संस्था के साथ भी समझौता किया गया है। इसके तहत दिवाली पर नए उत्पाद बाजार में उतारने की योजना है। इससे हिमफेड की आय बढ़ाने और निचले हिमाचल में कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।


सेब खरीद से 3 से 3.25 करोड़ का लाभ


महेश्वर चौहान ने कहा कि जब उन्होंने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी, उस समय हिमफेड भारी घाटे में था। अब प्रबंधन के प्रयासों से संस्था की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है और अगले वर्ष तक इसे पूरी तरह घाटे से बाहर निकालकर मुनाफे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि सेब खरीद के कारोबार से करीब 3 से 3.25 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।


किराये बढ़ाकर आय के स्रोत मजबूत किए


हिमफेड ने वित्तीय रिसाव रोकने और अपनी संपत्तियों से आय बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं। इसके तहत प्रमुख संपत्तियों के किराये में 50 से 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, दिल्ली की आजादपुर मंडी में स्थित दुकानों की मरम्मत करवाकर उन्हें आय का बेहतर स्रोत बनाने की दिशा में काम किया गया है।

निदेशक मंडल की बैठक में संस्था की वित्तीय स्थिति मजबूत करने, कारोबार का विस्तार करने और किसानों-बागवानों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।