स्पीति में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, हेलिपोर्ट के सर्वे और कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने की घोषणा
लाहौल स्पीति। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण के लिए सर्वे करवाने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टनल निर्माण के लिए प्रयासरत है। इससे स्पीति घाटी को सालभर बेहतर सड़क संपर्क सुविधा मिल सकेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करने, काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने तथा हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे करवाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि स्पीति के विकास पर आने वाले समय में 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बुधवार को अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान काजा में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन का कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का उद्देश्य स्पीति के लोगों की आय बढ़ाना और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
काजा में विशेषज्ञ चिकित्सकों की होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता 35 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2023 से 2027 के बीच इस योजना में प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 26 करोड़ रुपये है, जबकि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने करीब 204 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए सरकार अपने संसाधनों से धन खर्च कर रही है।
ओपीएस पर प्रतिबद्धता दोहराई
मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना बहाल की गई है। उन्होंने दिवाली के अवसर पर महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार करने की बात कही। साथ ही कहा कि आने वाले समय में अधिक कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में लाने पर भी विचार किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ओपीएस लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष मिलने वाले 1,600 करोड़ रुपये रोक दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं पर किया जा रहा है।
महिलाओं को 1500 रुपये, मुफ्त बिजली और बीमा का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा उपलब्ध करवाने का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की शुरुआत भी स्पीति की महिलाओं से की गई थी।
पर्यटन और शीतकालीन खेलों को मिलेगा बढ़ावा
विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 15 अप्रैल, 2023 को की गई घोषणाओं को पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्पीति में अगले दो-तीन वर्षों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी काम हुआ है।
उन्होंने बताया कि स्पीति में 75 करोड़ रुपये की लागत से आइस हॉकी ग्राउंड और आठ करोड़ रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड स्वीकृत किए गए हैं। क्षेत्र में स्टार गेजिंग को बढ़ावा देने के साथ शीतकालीन खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व विधायक पर भी निशाना साधा और कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला जनता पर छोड़ा। उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए प्रदेश सरकार को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे लारजे, पंचायत समिति अध्यक्ष छेरिंग डोलमा, उपाध्यक्ष महिंद्र, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष छेरिंग सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।












