विधानसभा में विधायक हंसराज ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरा; तीसा अस्पताल में रोजाना 300 तक ओपीडी, चंबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर रोगों के इलाज की सुविधाएं बढ़ाने की मांग
शिमला। चुराह विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के 249 स्वीकृत पदों में से 130 पद खाली हैं। विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए विधायक ने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। 53 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले तीसा अस्पताल में पिछले करीब चार साल से खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) का पद खाली है, जबकि अस्पताल में रोजाना 150 से 300 तक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। उन्होंने सरकार से चुराह के अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने की मांग की।
विधायक हँस राज ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में सवाल के माध्यम से चुराह विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों की जानकारी मांगी थी। जवाब में सामने आया कि कुल 249 पदों में से 130 पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि चुराह जैसे दुर्गम क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारी की स्थिति में 60 से 70 किलोमीटर दूर चंबा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
तीसा अस्पताल में 17 डॉक्टरों से तीन तक पहुंची संख्या
विधायक ने कहा कि पूर्व में तीसा अस्पताल में करीब 17 डॉक्टर तैनात थे, लेकिन बाद में इनकी संख्या घटकर महज तीन रह गई। उन्होंने कहा कि 53 पंचायतों की आबादी पर निर्भर इस अस्पताल में बीएमओ तक नहीं है। अस्पताल की ओपीडी 150 से 300 मरीज प्रतिदिन तक पहुंच रही है, ऐसे में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी सीधे मरीजों को प्रभावित कर रही है।
राजनगर और पुखरी अस्पतालों की स्थिति पर भी सवाल
उन्होंने सरकार से मांग की कि तीसा अस्पताल में तत्काल पर्याप्त डॉक्टर और अन्य स्टाफ तैनात किया जाए तथा लंबे समय से खाली पड़े बीएमओ के पद को भरा जाए।
विधायक ने राजनगर और पुखरी के स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि राजनगर की पीएचसी में कभी तीन-तीन डॉक्टर तैनात रहते थे, जबकि पुखरी में भी चार-चार डॉक्टर सेवाएं देते थे। अब कई स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट तक उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पुखरी का अस्पताल करीब 22 से 25 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं देता है। इसी तरह राजनगर क्षेत्र के अस्पताल पर आसपास की पंचायतों की बड़ी आबादी निर्भर है। इन संस्थानों में भी पर्याप्त मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था आउटसोर्स करने का सुझाव
विधायक ने अस्पतालों में सफाई और सैनिटाइजेशन की स्थिति सुधारने के लिए इसे आउटसोर्स करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सफाई, वॉशरूम, पानी और सैनिटाइजेशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मरीजों को उपचार के साथ स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कैंसर, डायलिसिस और हीमोफीलिया के मरीजों के लिए विशेषज्ञ सेवाएं बढ़ाने की मांग
विधायक ने चंबा मेडिकल कॉलेज की भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जिला चंबा का बड़ा हिस्सा इसी मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है। चुराह समेत जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों के मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि कैंसर, डायलिसिस, हीमोफीलिया और अन्य गंभीर एवं जोखिम वाले रोगों के मरीजों के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ सुविधाओं को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को बार-बार दूसरे मेडिकल कॉलेजों में रेफर करने के बजाय चंबा में ही आवश्यक उपचार की सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
चंबा मेडिकल कॉलेज पर पूरे जिले का स्वास्थ्य भार
विधायक ने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज पूरे जिले के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है और इस पर बहुत बड़ा क्षेत्र निर्भर करता है। इसलिए सरकार को मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुराह के दूरदराज क्षेत्रों से चंबा तक पहुंचना भी मरीजों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में स्थानीय अस्पतालों को मजबूत करने के साथ मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमारियों के उपचार की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
आउटसोर्स भर्तियों में रोस्टर का पालन नहीं होने का आरोप
विधायक ने स्वास्थ्य विभाग में हो रही आउटसोर्स भर्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन भर्तियों में रोस्टर और आरक्षण व्यवस्था का उचित पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि ओबीसी, पूर्व सैनिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए निर्धारित प्रावधानों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों में भी पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री से चुराह का दौरा करने का आग्रह
विधायक ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से चुराह विधानसभा क्षेत्र का दौरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं क्षेत्र के अस्पतालों की स्थिति देखें और तीसा में एक बेहतर स्वास्थ्य संस्थान विकसित करने की दिशा में कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्था करने की बात कही थी। ऐसे में 25 बेड से 50 और फिर 100 बेड तक विस्तारित किए गए तीसा अस्पताल को भी आधुनिक सुविधाओं और पर्याप्त स्टाफ से लैस किया जाना चाहिए।
सरकार को बचे कार्यकाल में व्यवस्था सुधारने की नसीहत
विधायक ने कहा कि सत्ता और पद स्थायी नहीं होते।
सरकार के पास जितना समय बचा है, उसमें चुराह की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध करना नहीं, बल्कि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को सरकार के सामने रखना है।
उन्होंने कहा कि चुराह के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, अस्पतालों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध हों तथा चंबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधाएं मजबूत हों-सरकार को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।











