7 से 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, मिशन-32 के तहत 2030 तक हरित आवरण 32 फीसदी करने की तैयारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने और वन संरक्षण को जन अभियान बनाने की दिशा में वन विभाग ने इस वर्ष बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान शुरू किया है। राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन 14 अगस्त को बिलासपुर वन मंडल के घुमारवीं स्थित निहारी में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू वन महोत्सव का शुभारंभ करेंगे।
वन बल प्रमुख एवं जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डा. संजय सूद ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 7 से 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर 50 लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें विभिन्न स्थानीय एवं उपयोगी प्रजातियों के साथ पहली बार चिनार के पौधों के रोपण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
वन महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों के साथ वन संरक्षण और पौधरोपण के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को पौधे वितरित करेंगे। वन बल प्रमुख ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बिलासपुर वन वृत्त और वन मंडल के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत 4 हजार हेक्टेयर में पौधरोपण
डा. संजय सूद ने बताया कि कुल लक्ष्य में से करीब 4 हजार हेक्टेयर भूमि पर राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत पौधरोपण किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न वन मंडलों में मानसून के दौरान पौधरोपण अभियान लगातार जारी है। संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और जलवायु को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त प्रजातियों का चयन किया जा रहा है।
वन विभाग ने मिशन-32 के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में विभाग के साथ जाइका वानिकी परियोजना और स्थानीय लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जाइका परियोजना का 500 हेक्टेयर में पौधरोपण का लक्ष्य
जाइका वानिकी परियोजना ने इस वर्ष 500 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। परियोजना वर्ष 2018 से 2025 तक प्रदेश के 22 वन मंडलों में 8343 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोप चुकी है।
वहीं, मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत भी पिछले वर्ष परियोजना ने 124 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया था। परियोजना इस वर्ष भी जनभागीदारी के साथ मिशन-32 को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
जनता से वन संरक्षण में भागीदारी की अपील
डा. संजय सूद ने प्रदेशवासियों से पौधरोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और लगाए गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और पालन-पोषण भी उतना ही जरूरी है। प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने के लिए सरकार, वन विभाग और जनता को मिलकर काम करना होगा।
“14 अगस्त को राज्य स्तरीय वन महोत्सव बिलासपुर वन मंडल के तहत घुमारवीं के निहारी में आयोजित होगा, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे। इस वर्ष 7 से 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर चिनार सहित विभिन्न प्रजातियों के 50 लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य है। मिशन-32 के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने में वन विभाग और जाइका वानिकी परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”
— डा. संजय सूद, वन बल प्रमुख, हिमाचल प्रदेश











