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2027 के लिए एक्शन मोड में कांग्रेस, खाची को नोटिस

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विनोद जिंटा बोले- पार्टी लाइन से बाहर जाने वालों पर होगी कार्रवाई, भाजपा अपने दागी नेताओं पर क्यों चुप?


शिमला। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में पार्टी की आगामी रणनीति, संगठन की समीक्षा और अनुशासन के मुद्दे पर स्पष्ट संकेत दिए कि चुनावी तैयारियों के साथ पार्टी के भीतर अनुशासन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लाइन से बाहर जाकर बयानबाजी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


जिंटा ने बताया कि ठियोग से विधायक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से संबंधित टिप्पणी के मामले में केहर सिंह खाची को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। जिंटा के अनुसार, खाची से यह पूछा गया है कि उन्होंने संबंधित बयान किस परिस्थिति में दिए। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर पार्टी की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।


एक अन्य कथित बयान के संबंध में पूछे गए सवाल पर जिंटा ने कहा कि फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसी कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो पार्टी स्तर पर उसकी भी जांच की जाएगी।


संगठन की जमीनी गतिविधियों की समीक्षा


जिंटा ने कहा कि कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लॉक स्तर पर पार्टी को दिए गए लक्ष्यों की प्रगति, संगठनात्मक गतिविधियों और जमीनी स्तर पर जनता के बीच पार्टी की स्थिति की समीक्षा की गई।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फोकस संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने पर है। आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और गति दी जाएगी।


मुकदमों को लेकर भाजपा पर पलटवार


भाजपा की ओर से कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से मुकदमे दर्ज करवाने के लगाए जा रहे आरोपों पर भी जिंटा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश कानून और संविधान के अनुसार चलता है। पुलिस और विजिलेंस किसी व्यक्ति के खिलाफ बिना किसी आधार के कार्रवाई नहीं करते।

शिकायत, कानून के उल्लंघन या संपत्ति से जुड़ी अनियमितता सामने आने पर जांच और कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया का हिस्सा है।
जिंटा ने कहा कि सरकार का प्रयास निष्पक्ष तरीके से काम करना है। निर्दोष व्यक्ति का सम्मान सुरक्षित रहना चाहिए, लेकिन यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर मामला सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होना स्वाभाविक है।


भाजपा से पूछा- अपने नेताओं पर क्यों चुप?


भाजपा पर हमलावर होते हुए जिंटा ने कहा कि विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रहा है, लेकिन उसे अपने नेताओं और पदाधिकारियों से जुड़े मामलों पर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के कई नेताओं और पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, ऐसे मामलों में पार्टी सार्वजनिक रूप से जवाब क्यों नहीं देती।


जिंटा ने भाजपा से पूछा कि जब कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने के लिए भाजपा लगातार मीडिया के सामने आती है, तो अपने नेताओं से जुड़े विवादों पर वह चुप क्यों रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का उद्देश्य सरकार के खिलाफ भ्रम और झूठा प्रचार फैलाना है।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के हितों और अधिकारों के लिए काम कर रही है और संगठन आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अभी से पूरी तरह सक्रिय हो गया है।