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हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण के विरोध में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

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शिमला में जिला कांग्रेस ने निकाला मार्च, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा पर लगाया विभाजनकारी मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप


शिमला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के स्थल पर गंगाजल से किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी रोष प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में शिमला में जिला कांग्रेस कमेटी शहरी एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर इस घटना के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा स्थल का कथित ‘शुद्धिकरण’ इस आधार पर किया गया कि वहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी से स्थल ‘अपवित्र’ हो गया था। उन्होंने इस कृत्य को बेहद घृणित, शर्मनाक और प्रतिगामी करार दिया।


विनय कुमार ने कहा कि इस तरह की मानसिकता भाजपा द्वारा पोषित भेदभावपूर्ण सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अपमान करने के साथ-साथ ऐसी घटनाएं संविधान में निहित समानता, बंधुत्व, सामाजिक न्याय और मानव गरिमा के मूल्यों पर भी प्रहार करती हैं।


उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था वाला देश है, जहां जाति, धर्म या किसी अन्य आधार पर भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। ऐसी घटनाएं समाज को जोड़ने के बजाय विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देती हैं। कांग्रेस इस प्रकार की मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।


शिमला में आयोजित मार्च में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा, महासचिव यशपाल तनाईक, सत्यजीत नेगी, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल, शहरी अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, जिला परिषद सदस्य अनुराधा सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।


इस दौरान अनिता शर्मा, प्रियंका तंवर, एसके सहगल, प्रभा वर्मा, देवेंद्र ठाकुर, राजेश शर्मा, राजेंद्र ठाकुर सहित यशवंत छाजटा, जेनव चंदेल, चमन, आदर्श सूद, विनीत गौतम, उषा राठौर, सुरेश नागटा, पवन ठाकुर, मोहन नेगी, सीमा चौहान, रीता भारद्वाज और सुरेंद्र चौहान विशेष रूप से मौजूद रहे।


कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए ऐसी विभाजनकारी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।