मुख्य सचिव को शिकायत भेजकर सचिन बरवाल ने लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप; आयोग की अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठाए सवाल
शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HPCPCR) की दो सदस्याओं पर राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने और आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
इस संबंध में शिकायतकर्ता सचिन बरवाल ने मुख्य सचिव को विस्तृत शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि आयोग की सदस्य मौनिता चौहान और समीक्षा ठाकुर ने आयोग के सदस्य बनने के लिए दिए गए शपथपत्र की शर्तों का उल्लंघन किया है।
शिकायत के अनुसार, दोनों सदस्याओं को 7 जुलाई 2026 को शिमला में आयोजित कांग्रेस के एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए देखा गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस संबंध में समाचार चैनलों की फुटेज और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं।
शिकायत में कहा गया है कि HPCPCR नियम, 2015 के तहत आयोग का सदस्य किसी राजनीतिक दल का पदाधिकारी या सदस्य नहीं हो सकता। आरोप लगाया गया है कि यदि नियुक्ति के समय दिए गए शपथपत्र में यह तथ्य छिपाया गया या बाद में नियमों का उल्लंघन किया गया है, तो यह गंभीर मामला है।
सचिन बरवाल ने अपनी शिकायत में आयोग की अध्यक्ष अनीता ठाकुर की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
शिकायत में प्रमुख मांगें
मौनिता चौहान और समीक्षा ठाकुर को तत्काल पद से हटाया जाए।
कथित झूठा हलफनामा देने और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच कर आपराधिक FIR दर्ज की जाए।
आयोग की अध्यक्ष अनीता ठाकुर से पूरे मामले में स्पष्टीकरण लिया जाए तथा आवश्यक कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण जैसे संवेदनशील और वैधानिक संस्थान की निष्पक्षता पर किसी भी प्रकार का प्रश्नचिह्न नहीं लगना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।











